शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए नियमित रूप से योगासनों के अभ्यास की सलाह दी जाती है। इसमें भी प्राणायाम का अभ्यास करना आपके लिए विशेष लाभदायक हो सकता है। अनुलोम-विलोम योग के अभ्यास को स्वास्थ्य विशेषज्ञ बहुत ही लाभदायक मानते हैं। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के साथ शरीर में सकारात्मक ऊर्जा के संचार के साथ कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम करने में अनुलोम-विलोम का अभ्यास आपके लिए विशेष लाभदायक हो सकता है। श्वास के इस अभ्यास को सभी लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है, हालांकि कुछ स्थितियों में विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर ही इसका अभ्यास करना उचित माना जाता है।
आज का योग: रोजाना कीजिए अनुलोम-विलोम अभ्यास, सेहत को मिलेंगे चौंकाने वाले लाभ
अनुलोम-विलोम योग का अभ्यास कैसे करें?
विशेषज्ञों के मुताबिक इस आसन को करने के लिए भी सबसे पहले शरीर को एकदम से सीधा रखते हुए ध्यानपूर्वक में बैठ जाएं। बाएं हाथ से ज्ञान मुद्रा बनाकर दाएं हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका को बंद करें और बाईं नासिका से श्वास भरें। अब बाई नासिका बंद करें और दाईं नासिका से श्वास छोड़ें। इस क्रिया को अब दूसरी नाक से दोहराएं। किसी भी योग से अधिकतम लाभ प्राप्त करने के लिए उसका सही ढंग से अभ्यास करना सबसे आवश्यक माना जाता है।
अनुलोम-विलोम के क्या फायदे हैं?
विभिन्न शोधों से पता चलता है कि इस अभ्यास से कई गंभीर स्वास्थ्य विकार, जैसे हृदय की समस्याएं, गंभीर अवसाद, उच्च रक्तचाप, गठिया, माइग्रेन का दर्द कम हो जाता है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक सही ढंग से अगर रोजाना अनुलोम-विलोम का अभ्यास किया जाए तो इसके कई तरह के स्वास्थ्य लाभ हो सकते हैं।
- यह अवसाद, तनाव और चिंता को दूर करने में मदद करता है।
- अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसे श्वसन विकारों के लक्षणों को ठीक करने में फायदेमंद माना जाता है।
- नकारात्मक विचारों पर काबू पाने में मददगार है। सोच सकारात्मक हो जाती है और आप क्रोध, विस्मृति, बेचैनी और निराशा जैसी नकारात्मक भावनाओं को दूर रहते हैं।
- इस प्राणायाम के अभ्यास से एकाग्रता, धैर्य, ध्यान, निर्णय लेने की क्षमता में इजाफा होता है।
- शरीर के वात, कफ और पित्त तीनों दोषों को संतुलित करता है।
- वजन घटाने और मेटाबॉलिज्म को सुव्यवस्थित करने में मदद करता है।
- प्राकृतिक रूप से त्वचा की चमक बढ़ती है।
इन बातों का रखें ध्यान
अध्ययनों में अनुलोम विलोम को सुरक्षित बताया गया है, इसके कोई भी ज्ञात जोखिम या नकारात्मक प्रभाव का जिक्र नहीं मिलता हैं। कई अध्ययन में बताया गया है कि योग के सही तरीके को जानने के लिए प्रशिक्षित योग शिक्षक की सलाह जरूर ले लेनी चाहिए। यदि आप पहले से किसी गंभीर रोग के शिकार हैं तो इस योग के अभ्यास से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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