आज के दौर में डेस्क जॉब और हर काम के लिए आरामदायक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करना आम बात हो गया है। ऐसे में मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द भी एक तरह से आम बात ही हो गया है क्योंकि शारीरिक गतिविधियों के बिना शरीर लचीला और फुर्तीला नहीं हो सकता है। हालांकि, जोड़ों में दर्द की और वजह भी हो सकती है। वो अलग बात है कि दवाओं के उपयोग से इस दर्द से कुछ समय के लिए लाभ मिलता है लेकिन इसका प्राकृतिक उपचार योग में भी उपलब्ध है। योगा के कुछ आसनों का अभ्यास करने से दर्द जल्द लाभ मिलता है। तो आइए जानते हैं इन खास योगासनों के बारे में...
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
प्राणायाम
प्राणायाम करने के लिए किसी समतल जगह पर चटाई बिछाकर पालथी मारकर बैठ जाएं। अब बाएं नाक को दबाकर दाहिने नाक से सांस को अंदर करके दोनों नाकों से सांस को बाहर निकालें। जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को प्राणायम करने से बहुत ही राहत मिलती है। सुबह-सुबह साधारण प्राणायम करने से यह समस्या धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।
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Setu Bandhasan Yoga
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सेतुबंधासन
सेतुबंधासन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों को शरीर के बगल में रखें। अब हथेली को जमीन से सटाकर रखें और घुटने मोड़ें ताकि पैर के तलवे जमीन से लग जाएं। अब आप सेतुबंधासन की प्रारंभिक स्थिति में हैं। अब धीरे-धीरे सांस लेते हुए अपने कमर को जितना हो सके ऊपर उठाएं, जिससे आपका शरीर एक सेतु यानी पुल का आकार में आ जाए। अब इस स्थिति में सामान्य रूप से सांस लें और छोड़ें। 10 से 30 सेकेंड तक इसी मुद्रा में बने रहें। अब सांस छोड़ते हुए अपने कमर को वापस जमीन पर लाएं और आराम के लिए वापस शवासन के मुद्रा में आ जाएं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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शवआसन
शव अर्थात मुर्दा, शरीर को मुर्दे समान बना लेने के कारण ही इस आसन को शवआसन कहते हैं। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को आराम से फैला लें। अपने पैरों के पंजों को बाहर और एड़ियों को अंदर की ओर रखें। अपने दोनों हाथों को शरीर से करीब 6 इंच की दूरी पर रखें। अपनी हाथों की अंगुलियां मुड़ी हुई, गर्दन सीधी रखें। इस आसन को करते समय अपनी आंखो को बंद रखें।