World Stroke Day 2023: वैश्विक स्तर पर स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है। पहले बुजुर्गों में होने वाली इस बीमारी से अब युवा आबादी भी परेशान हो रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के मुताबिक, हर साल डेढ़ करोड़ से अधिक लोग स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं और करीब 50 लाख लोगों की मौत हो जाती है।
World Stroke Day 2023: कब और क्यों हुई विश्व स्ट्रोक दिवस मनाने की शुरुआत, जानें इतिहास और इस वर्ष की थीम
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विश्व स्ट्रोक दिवस कब मनाते हैं
हर साल 29 अक्तूबर को विश्व स्ट्रोक दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत साल 2004 में हुई, जब कनाडा में वर्ल्ड स्ट्रोक कांग्रेस ने इस दिन को मनाया। दो साल बाद वर्ष 2006 में इस दिन को जन जागरूकता के लिए घोषित किया गया। 2006 में, वर्ल्ड स्ट्रोक फेडरेशन और इंटरनेशनल स्ट्रोक सोसाइटी के विलय के साथ वर्ल्ड स्ट्रोक संगठन स्थापित हुआ। तब से, विश्व स्ट्रोक संगठन (डब्ल्यूएसओ) विभिन्न प्लेटफार्मों पर विश्व स्ट्रोक दिवस (डब्ल्यूएसडी) मनाता आ रहा है।
विश्व स्ट्रोक दिवस का इतिहास
1990 के दशक में दुनियाभर में स्ट्रोक के बढ़ते आंकड़ों के कारण यह अस्तित्व में आ गया था। 2010 में विश्व स्ट्रोक संगठन ने जागरूकता की कमी और इसके निदान व उपचार का उचित प्रबंधन से मृत्यु दर और विकलांगता को रोकने के लिए स्ट्रोक को एक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित किया गया।
विश्व स्ट्रोक दिवस की थीम 2023
इस वर्ष विश्व स्ट्रोक दिवस की थीम 'Together We Are Greater Than Stroke' (एक साथ मिलकर हम स्ट्रोक से भी बड़े हैं।) यह विषय उच्च रक्तचाप, अनियमित दिल की धड़कन, धूम्रपान, आहार और व्यायाम जैसे जोखिम कारकों की रोकथाम पर जोर देता है, क्योंकि जोखिम कारकों को संबोधित करके लगभग 90% स्ट्रोक को रोका जा सकता है।
क्या होता है ब्रेन स्ट्रोक
ब्रेन स्ट्रोक एक मेडिकल आपदा है, जिसमें मस्तिष्क के किसी हिस्से की आपूर्ति रक्त परिसंचरण में रुकावट होती है या ब्लड सप्लाई कम होने से ब्रेन के किसी भाग की मृत्यु हो सकती है।