बचपन से ही हमें घर में शिक्षा दी जाती है कि हमें अपने से बड़ो का सम्मान करना चाहिए। वरिष्ठजन हमारे घर की नींव होते हैं। बुजुर्गों का आशीर्वाद बहुत भाग्य वालों को मिलता है इसलिए सभी को अपने से बड़ों और वरिष्ठजनों का सम्मान करना चाहिए। लेकिन आज के समय में ये कहना अनुचित नहीं होगा कि अब ये मात्र औपचारिकता रह गई है। लेकिन हर व्यक्ति को वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और आदर की भावना रखनी चाहिए। प्रति वर्ष 1 अक्टूबर को अंर्तराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस क्यों मनाया जाता है कब की गई थी इसकी शुरुआत…
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अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
बुजुर्गों को प्रति अपना सम्मान व्यक्त करने के लिए हर वर्ष 1 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया जाता है। चाहे हमारे घर के बुजुर्ग हो या फिर बाहर के हमें हमेशा ही अपने मन में बुजुर्गों के प्रति अपने मन में आदर और सम्मान की भावना रखनी चाहिए। फिर भी विशेष तौर पर 1 अक्टूबर को वृद्धजनों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए और उनके प्रति होने वाली उपेक्षा को रोकने के लिए ये दिन मनाया जाता है।
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अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
सन् 1990 में अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाने की शुरुआत की गई थी। बुजुर्गों के साथ होने वाले दुर्व्यव्हार और अन्याय पर रोकथाम के लिए यह दिवस मनाने का निर्णय किया गया था। 14 दिसंबर सन् 1990 में 1 अक्टूबर के दिन हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस या अंर्तराष्ट्रीय बुजुर्ग दिवस मनाने का फैसला किया गया। 1 अक्टूबर सन 1991 में पहली बार अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस मनाया गया। इस दिवस की शुरुआत के बाद सन् 1999 को बुजुर्ग वर्ष के रुप में मनाया गया।
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अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस को पूरी तरह से बुजुर्गों के लिए समर्पित किया जाता है। इस दिन उनके सम्मान में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। वृद्धाश्रमों में बुजुर्गों का खुशी का ध्यान रखते हुए कई तरह के आयोजन किए जाते हैं। इस दिन बुजुर्गोंको होने वाली समस्याओं और उनकी सेहत के विषय में गंभीरता पूर्वक विचार किया जाता है।
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अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
बुजुर्गावस्था हर इंसान के जीवन का एक पड़ाव है। इस समय में व्यक्ति को प्यार सम्मान और अपनेपन की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है। जिन लोगों पर बुजुर्गों का साया होता है वे लोग बहुत भाग्यशाली होते हैं। बुजुर्ग ही हमें जीवन जीने का सही मार्ग सिखाते हैं। उनके अनुभव और सीख से जीवन में आप किसी भी कठिनाई को पार करने में सक्षम होते हैं। इसलिए हमें कभी भी उनके प्रति उपेक्षा का भाव नहीं रखना चाहिए।