World Tourism Day 2020: भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधताएं और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर भूगोल उसे पर्यटन के रूप में भी समृद्ध बनाता है। ऊंचे पहाड़, पठार, रेगिस्तान, नदियां, समुद्री तट और हिमालय की तराई में फैला हुआ इलाका भारत की पर्यटन संपदा है। देश में मौजूद सांस्कृतिक विशेषताएं दुनिया को इसके प्रति आकर्षित करती हैं। विविध सभ्यताओं के ऐतिहासिक स्मृति चिह्न यहां के पर्यटन को भी विकसित करते हैं।
World Tourism Day 2020: भारत में पर्यटन की क्या हैं संभावनाएं, पर्यटन से कितना होता है लाभ
हमारे देश की सांस्कृतिक समृद्धि और गौरवशाली इतिहास इसको अच्छा गंतव्य स्थान बनाता है। हमारे यहां के एतिहासिक और प्राचीन स्थलों पर की गई कारीगरी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है। हमारे देश में एतिहासिक इमारतों के अलावा सुंदर पहाड़, नदियां और मन को सुकून देने वाली प्राकृतिक शांति पर्यटको को अपनी ओर लुभाती है। दुनिया के सात अजूबों में ताजमहल भी आता है। जिसे देखने के लिए हर वर्ष लाखों की संख्या में देश और विदेश के सैलानी आते हैं।
भारत केवल एतिहासिक धरोहरों तक ही सीमित नहीं है बल्कि भारत में अब पर्यटन को लेकर बहुत सारी अवधारणाएं बदल रही हैं। यहां की भौगोलिक स्थिति के कारण हर जगह में विभिन्नता पाई जाती हैं, जिसके कारण पर्यटन के लिए अब लोग यहां को जीवों और वनस्पतियों के बारे में भी जानना चाहते हैं। जिससे ईको टूरिस्म के बढ़ने की संभावनाएं भी बनने लगी हैं।
भारत का सुंदरवन क्षेत्र विभिन्न प्रकार के जीवों और वनस्पतियों से भरा हुआ है। इस क्षेत्र में ईको टूरिज्म को बहुत अच्छा बढ़ावा मिल सकता है। लेकिन वनस्पितयों से भरपूर इस जगह पर केवल कुछ विशिष्ट लोगों को ही पर्यटन की अनुमति होनी चाहिए क्योंकि आम जन के लिए यहां पर्यटन के रास्ते खुलने से इस क्षेत्र को पारिस्थितिकीय क्षति पहुंच सकती है। इस तरह से अगर देखा जाए तो भारत में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। बस जरुरत है तो इस क्षेत्र में और भी ज्यादा सुविधाओं को बढ़ाने की।
भारत की अर्थव्यवस्था में पर्यटन की अहम भूमिका है। पर्यटन से हमारे देश को हर वर्ष प्राप्त होने वाले राजस्व से देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में विशेष योगदान मिलता है। पर्यटन के कारण वैश्विक समुदायों के बीच भी हमारे देश के सामाजिक, राजनीतिक, वित्तीय और सांस्कृतिक मूल्यों को अलग पहचान मिलती है। सरकार भी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कार्य करती है। जिसके लिए सरकार ने अतिथि देवो भवः जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत भी की है।
पर्यटन से छोटे से लेकर बढ़े स्तर तक लोगों को रोजगार प्राप्त होता है। पर्यटन से हमारे देश में 8.1 फीसदी रोजगार मिल रहा है। वर्ष 2018 में देश की अर्थव्यवस्था में 9.2 फिसदी योगदान पर्यटन का रहा। हालांकि इस बार कोरोना के चलते पर्यटन में गिरावट दर्ज हुई है लेकिन 2020 के लिए सरकार ने पर्यटकों का संख्या को दो करोड़ के ऊपर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा था।