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उत्तराखंड में केदारनाथ के अलावा चार और केदार हैं, जानिए सभी के बारे में
Sun, 21 Jun 2020 09:54 AM IST
योगेश जोशी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Sun, 21 Jun 2020 09:54 AM IST
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kedarnath
- फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ पवित्र धार्मिक स्थल है। यहां भगवान शिव कण-कण में विराजते हैं। यह उत्तराखंड के पावन चार धामों में से एक है। भगवान शिव शंकर को समर्पित उत्तराखंड का यह पावन धाम भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह उत्तराखंड के रुद्र प्रयाग जिले में स्थित है। श्री केदारनाथ जी का मंदिर 3593 मीटर की ऊंचाई पर बना हुआ है। इस पावन धाम के कपाट अप्रैल के अंत में या मई की शुरुआत में खुलते हैं और नवंबर मध्य तक खुले रहते हैं। आज हम आपको केदारनाथ से जुड़ी धार्मिक मान्यता, केदारनाथ के साथ ही पंच केदार कौन- से हैं के बारे में विस्तार से जानकारी दे रहे हैं...
केदारनाथ का धार्मिक महत्व
- केदारनाथ का धार्मिक महत्व सर्वोपरी है। धर्मशास्त्रों में केदारनाथ का बेहद ही महात्म्य बताया गया है। केदारनाथ के दर्शन से सभी तरह की मनोकामना पूर्ण होती है। यह धार्मिक स्थल हिमालय की गोद में बसा है। केदारनाथ के अलावा यहां चार और केदार हैं जहां भगवान शिव विभिन्न रूपों में विराजमान हैं। आइए, पहले पंच केदार के बारे में विस्तार से जानते हैं...
kedarnath
- फोटो : अमर उजाला
पंच केदार
- केदारनाथ को बारहवें ज्योर्तिलिंग के रूप में जाना जाता है। पंच केदार में प्रथम भगवान केदारनाथ हैं। द्वितीय केदार मद्महेश्वर हैं। तृतीय केदार तुंगनाथ हैं। चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ और पंचम केदार कल्पेश्वर हैं।
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मद्महेश्वर मंदिर
- यहां भगवान शिव मध्य भाग में विराजमान हैं। समुद्र तल से 12 हजार से ज्यादा ऊंचाई पर स्थित मद्महेश्वर के कपाल भी शीतकाल के लिए छह महीने तक बंद रहते हैं। यहां की नैसर्गिक सुंदरता आपका मन मोह लेगी। अगर आप केदारनाथ जा रहे हैं तो द्वितीय केदार मद्महेश्वर भी जरूर जाएं।
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तुंगनाथ
- फोटो : file photo
तुंगनाथ मंदिर
- भगवान शिव का यह मंदिर सबसे ज्यादा ऊंचाई पर स्थित है। तुंगनाथ समुद्र तल से 3680 मीटर की ऊंचाई पर है। यहां भगवान शिव की भूजा के रूप में पूजा होती है।