Offbeat Monsoon Destinations In India: मानसूनी हवाएं बड़ी ही मनमौजी होती हैं। हर साल मानसून की बौछारें आती हैं और प्रकृति की सुंदरता को अधिक खूबसूरत बना देती हैं। इस मौसम में घूमने का आनंद ही अलग होता है। वैसे तो भारत में कई जगह हैं, जहां लोग घूमने जा सकते हैं, लेकिन मानसून में घूमने के लिए कुछ आला ठिकाने हैं, यहां बारिश की फुहारों का जी खोलकर आनंद ले सकते हैं। यहां मानसून में मौजमस्ती के लिए खूबसूरत जगहों के बारे में बताया जा रहा है, जहां सितंबर तक जाना बेहतर समय रहता है।
Offbeat Monsoon Destinations: बारिश में बढ़ जाती है इन जगहों की खूबसूरती, मानसून में उठा सकते हैं दोगुना आनंद
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वायनाड, केरल
केरल शांत और सुकून वातावरण का अनुभव कराता है। केरल के वायनाड शहर का मौसम मानसून में लुभावना हो जाता है। यह जगह सैरगाह कॉफी और मसालों के बागों से लदी है। यहां अभ्यारण्य नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व है। बाणासुर सागर भारत का सबसे बड़ा बांध है। यहां का सबसे बड़ा झरना मीनमुट्टी है, जिसका आनंद ले सकते हैं। बारिश में कुरूवाद्वीप की यात्रा से बचें। वायनाड कोझिकोड से 65 किलोमीटर दूर है।
अराकू वैली, आंध्र प्रदेश
भारत की पहली 100 फीसद आर्गेनिक सिंगल ओरिजनल काॅफी अराकू वैली में उगाई जाती है। बारिश में गर्म कॉफी के साथ ही इतिहास और संस्कृति से रूबरू होने के लिए यहां आ सकते हैं। आंध्र प्रदेश का अराकू वैली हरे भरे जंगलों से घिरा है, जहां चापराई या डुम्ब्रीगुडा झरना मानसून में शानदार अहसास कराता है। पद्मपुरम बाॅटेनिकल गार्डन, बोर्रा गुफाओं में गोल्डन गेको देखने जा सकते हैं। यह भारत की सबसे बड़ी और गहरी गुफाओं में से एक है। विशाखापट्टनम से 120 किलोमीटर की दूरी पर अराकू वैली है, जहां बस या कार से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
मावसिनराम, मेघालय
मेघालय के चेरापूंजी को सबसे अधिक वर्षा वाला स्थान कहा जाता है, हालांकि अब मावसिनराम दुनिया का सबसे ज्यादा बारिश वाला स्थान घोषित किया गया है। मावसिनराम में नोहकलिकाई और सेवन सिस्टर्स जैसे झरने हैं, बारिश के मौसम में इन झरनों का तेज बढ़ जाता है और नजारा देखने लायक रहता है। मानसून में जिप लाइनिंग का आनंद उठा सकते हैं। माॅजिम्बुइन गुफा देखने जा सकते हैं, जहां स्टैलेग्मिट्स और एक शिवलिंग है।यहां का डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज जादुई दृश्यों का अनुभव कराता है। शिलांग से 98 किलोमीटर ड्राइव करके यहां पहुंचा जा सकता है।
ओरछा, मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश का ओरछा शहर सोलहवीं सदी के ऐतिहासिक वास्तुशिल्प का उदाहरण है। यहां किला परिसर में तीन महल हैं। राजा महल में अयोध्या के राजा राम का मंदिर है, जो पर्यटकों को धार्मिक कहानी से रूबरू कराता है। बेतवा नदी के पास अभयारण्य का दौरा कर सकते हैं, जहां स्थानीय व प्रवासी पक्षियों की प्रजातियां देखने को मिलेगी। ग्वालियर से 112 किलोमीटर की दूरी पर ओरछा है, जहां सड़क मार्ग से जरिए आसानी से पहुंच सकते हैं।