अगर आप शिरडी के साईं बाबा के दर्शन के लिए जा रहे हैं तो रेलवे आपके लिए खास तोहफा लाया है। देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी भक्त शिरडी के साईं बाबा के दर्शन के लिए आते हैं। मान्यता है कि बाबा अपने भक्तों की हर मनोकामना पूरी करते हैं। शिरडी में साईं बाबा का पवित्र मंदिर साईं की समाधि के ऊपर बनाया गया है। मंदिर का निर्माण 1922 में किया गया था। साईं बाबा 16 साल की उम्र में शिरडी आए थे और वो अपने आखिरी वक्त यानी चिरसमाधि तक यहीं रहे। रेलवे का खास तोहफा जानने से पहले जान लीजिए क्यों इतने फेमस हैं साई बाबा
हिंदू और मुस्लिम दोनों धर्मों के लोग साईं बाबा के भक्त हैं। साईं बाबा का मंदिर महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में है। ये ही वो धरती हैं जहां साईं बाबा के चमत्कारों को भक्त आज भी साक्षात महसूस करते हैं। साईं के अनुयायियों में बड़े-बड़े नेता, खिलाड़ी, फिल्म कलाकार और बिजनेसमैन शामिल हैं। मान्यता है कि यहां आने वाले सभी भक्तों के मुरादें और मन्नतें पूरी होती हैं।
शिरडी के साईं मंदिर में सबसे ज्यादा चढ़ावा आता है। साईं की समाधि पर रोज हजारों की तादाद में भक्त आते हैं। मंदिर सुबह 4 बजे खुल जाता है। 5 बजे आरती होती है और सुबह 5.40 से श्रद्धालु दर्शन करना शुरू करते हैं। रात 10.30 बजे दिन की अंतिम आरती के बाद एक शॉल साईं की विशाल मूर्ति के चारो ओर लपेट दी जाती है और साईं को रुद्राक्ष की माला पहनाई जाती है। इसके बाद मूर्ति के पास एक गिलास पानी रख दिया जाता है और मच्छरदानी लगा दिया जाता है। रात 11.15 बजे मंदिर का पट बंद कर दिया जाता है। अगली स्लाइड में पढ़ें क्या तोहफा लाया है रेलवे
रेलवे साईं भक्तों के लिए बड़ा तोहफा लाया है। अब शिरडी जाने वाले भक्त रेल टिकट की बुकिंग के साथ ही साईं बाबा के दर्शन का टिकट भी करा सकेंगे।अगर आप दर्शन के लिए टिकट बुक कराना चाहते हैं तो शिरडी साईं नगर, कोपरगांव, मनमाड, नासिक और नागरसोल रेलवे स्टेशन के लिए ई- टिकट बुक करने पर आप साईं दर्शन के लिए ऑनलाइन टिकट बुक कर सकते हैं। अगली स्लाइड में पढ़ें कब से शुरू हो रही है यह सुविधा
रेलवे की इस सुविधा की शुरुआत 26 जनवरी से होगी। साईं दर्शन के लिए ऑनलाइन टिकट की वैधता ट्रेन के स्टेशन पहुंचने से लेकर 48 घंटे तक मान्य होगी। अगली स्लाइड में पढ़िए अगर आप साईं बाबा के मंदिर जा रहे हैं तो आसपास और कहां-कहां घूमें