प्रकृति की गोद में बसा केरल राज्य बेहद खूबसूरत है। यहां के हर कोने में अद्भुत खूबसूरती दिखती है। केरल का नाम लेते ही ऊंचे-ऊंचे हरे-भरे पेड़ और उनके किनारों से बहता पानी आंखों के सामने नजर आने लगता है। केरल के हर शहर में हर एक घर के पीछे से एक नहर बहती है। जब आप इस छोटे से खूबसूरत राज्य को करीब से देखेंगे तो पाएंगे कि यहां की हर गलियां और मोहल्ले प्रकृति के सुंदर नजारों से भरी हुई है। तो चलिए जानें ऐसे ही खूबसूरत प्रदेश के एक छोटे से शहर के बारे में और वहां पर देखने लायक जगहों के बारे में।
प्रकृति की गोद में बसा एक अनूठा शहर, जिसकी पहचान ही है धार्मिक आस्था
एर्नाकुलम जिले से करीब 24 किमी दूर बसा है कलाडी। पेरियार नदी के किनारे बसा ये शहर बेहद खूबसूरत है और यहां पर ऊंचे पहाड़ों के साथ ही बैक वाटर का नजारा ले सकते हैं। आदि शंकराचार्य की जन्मस्थली के रूप में जानी जाने वाली ये जगह अपनी सुंदरता की वजह से लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती है। इस शहर में घूमने के लिए हर मौसम सही होता है क्योंकि यहां पर बारहों महीनों मौसम सुहावना रहता है। चलिए जानें इस छोटे से खूबसूरत शहर में घूमने के लिए क्या है।
रामकृष्ण आश्रम एक जाना पहचाना आश्रम है जिसमें बहुत से लोग शांति और सुकून की तलाश में आते हैं। तो अगर आप कलाडी की सैर करने निकले हैं तो इस आश्रम में संगमरमर की रामकृष्ण की मूर्ति और यहां के सुंदर बगीचों को देखे बिना मत लौटिएगा।
बहुत से लोग कोडनाड की खूबसूरती और अनोखेपन की बात करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कोडनाड कलाडी शहर का ही हिस्सा है। कलाडी से महज दस किमी की दूरी पर बने इस ट्रेनिंग सेंटर में हाथियों को सिखाया जाता है। इस जगह को मिनी जू कहें तो गलत नहीं होगा। क्योंकि यहां पर बहुत से जानवरों और उनके बच्चों को रेस्क्यू करके रखा जाता है। यहां पर हाथियों को मंदिरों में होने वाली पूजा के लिए सिखाया जाता है। साथ ही ये हाथी सफारी के काम में भी लिए जाते हैं।
श्रंगेरी मठ आदि शंकराचार्य का घर था जिसमें अब बहुत से मंदिर बने हुए हैं। यहां पर सारे भगवान के छोटे-छोटे मंदिर बने हुए हैं। यहां सैर के लिए आने वाले लोगों का कहना है कि इस मठ में आने पर बहुत शांति मिलती है।