नागालैंड की क्षेत्रीय संस्कृति और परंपरा दिखाने वाला हॉर्नबिल फेस्टिवल हर साल एक से 10 दिसंबर तक आयोजित होता है। इस फेस्टिवल में बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक पहुंचते हैं। नागालैंड के किसामा गांव में होने वाले इस फेस्टिवल में कई लोगों के जाने की इच्छा तो होती है, लेकिन कभी छुट्टी न मिलने से, कभी खराब स्वास्थ्य के चलते या फिर कभी अन्य कारणों से नहीं जा पाते। आप भी अगर बीते दिसंबर इस फेस्टिवल में नहीं जा पाए हैं तो चिंता की बात नहीं है। आप त्रिपुरा का रुख कर सकते हैं, क्योंकि इसी साल से यहां भी हॉर्नबिल फेस्टिवल शुरू हो रहा है। आइए जानते हैं, कब होगा यह फेस्टिवल और यहां क्या कुछ खास होने वाला है:
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Hornbill Festival
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‘हॉर्नबिल फेस्टिवल’ अबतक नगालैंड के फेमस किसामा गांव में होता आया है, लेकिन अब यह फेमस फेस्टिवल त्रिपुरा में भी आयोजित होगा। त्रिपुरा विधानसभा के मुख्य सचेतक (टीएलए) कल्याणी रॉय ने बताया कि आठ और नौ फरवरी को पश्चिम त्रिपुरा जिले के बारामुरा इको-पार्क परिसर में 'हॉर्नबिल फेस्टिवल’ का आयोजन किया जाएगा। यह आयोजन तेलियामुरा सब-डिविजन में होना है, जहां कई पर्यटन स्थल हैं।
रॉय के मुताबिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। इसी सिलसिले में त्रिपुरा में दो दिवसीय 'हॉर्नबिल महोत्सव' का आयोजन किया जाएगा। मालूम हो कि त्रिपुरा में हॉर्नबिल फेस्टिवल के आयोजन का विचार पहली बार मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब की अध्यक्षता में हुई एक बैठक के बाद किया गया था।
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Hornbill Bird
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हॉर्नबिल पक्षी के नाम पर फेस्टिवल क्यों?
इस फेस्टिवल का नाम हॉर्नबिल पक्षी के नाम पर रखा गया है। पक्षी की इस प्रजाति की पहचान ‘ओरिएंटल पाइड हॉर्नबिल’ (एन्थ्राकोसेरोस अल्बेरोस्ट्रिस) के रूप में की गई है। बताया जाता है कि इस साल त्रिपुरा में 300 से अधिक हॉर्नबिल देखे जा चुके हैं। त्रिपुरा वन विभाग ने 'ओरिएंटल पाइड हॉर्नबिल’ को सिपाहीजाला वन्यजीव अभयारण्य में पालन और प्रजनन के लिए रखा है।
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Hornbill Festival
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नागालैंड में हर साल होता है आयोजन
हॉर्नबिल फेस्टिवल का आयोजन नागालैंड की राजधानी कोहिमा में हर साल दिसंबर महीने में किया जाता है। यह कार्यक्रम नागा हेरिटेज विलेज किसामा में आयोजित किया जाता है, जो कोहिमा से लगभग 12 किमी दूर है। फेस्टिवल का उद्देश्य नागालैंड की समृद्ध संस्कृति को पुनर्जीवित करना और संरक्षित करना है।