Guru Nanak Jayanti 2024 : गुरु नानक जयंती 15 नवंबर 2024 को मनाई जा रही है। गुरु नानक देव को सिख धर्म का पहला गुरु और संस्थापक माना जाता है। वह एक महान आध्यात्मिक संत, कवि और समाज सुधारक थे, जिन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाई और भक्ति का मार्ग दिखाया।
Guru Nanak Jayanti 2024: दिल्ली के प्रसिद्ध गुरुद्वारे, जहां गुरु नानक देव की जयंती पर जा सकते हैं आप
गुरु नानक देव की जयंती के मौके पर दिल्ली के कुछ प्रसिद्ध गुरुद्वारों के बारे में जानिए, जहां आप गुरु नानक देव की जयंती पर जा सकते हैं।
गुरुद्वारा बंगला साहिब
दिल्ली का सबसे प्रसिद्ध और प्रमुख गुरुद्वारा कनॉट प्लेस में स्थित है। गुरुद्वारा बंगला साहिब नाम का यह पवित्र स्थल गुरु हर किशन जी को समर्पित है। यहां की शांत झील और सुंदर सजावट भक्तों को शांति प्रदान करती है। गुरु नानक जयंती पर यहां कीर्तन, अरदास और लंगर का आयोजन होता है, जहां सैकड़ों श्रद्धालु एकत्र होते हैं। भक्तों के लिए मुख्य आकर्षण यहां पवित्र सरोवर का पानी है जिसे अमृत कहते हैं।
गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब
राजधानी दिल्ली के संसद भवन के पास रायसीना रोड पर गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब स्थित है, जो ऐतिहासिक महत्व रखता है। यहां गुरु तेग बहादुर की अंतिम संस्कार की रस्म अदा की गई थी। यह गुरुद्वारा भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का भी साक्षी रहा है। यहां का शांत वातावरण और ऐतिहासिक महत्व इस गुरुद्वारे को खास बनाता है।
गुरुद्वारा शीश गंज साहिब
चांदनी चौक में गुरुद्वारा शीश गंज साहिब स्थित है जो दिल्ली के सबसे पुराने गुरुद्वारों में से एक है। यह गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर के बलिदान को समर्पित है। गुरु नानक जयंती के दिन यहां का माहौल भक्तिमय हो जाता है। यहां संगत में हिस्सा लेने और कीर्तन सुनने के लिए देशभर से श्रद्धालु आते हैं।
गुरुद्वारा दमदमा साहिब
गुरु गोबिंद सिंह को संबंधित गुरुद्वारा भी दिल्ली में स्थित है। राजधानी के हौज खास में गुरुद्वारा दमदमा साहिब है। इसे दमदमा इसलिए कहा जाता है, क्योंकि यहां गुरु ने ठहराव लिया था। गुरु नानक जयंती पर यहां भव्य कीर्तन दरबार और सेवा का आयोजन होता है, जिसमें कई श्रद्धालु शामिल होते हैं।