पुराने समय में जब एक जगह से दूसरी जगह पर यात्रा की जाती थी, तो या तो घोड़ों या बैलगाड़ी का सहारा लिया जाता था या फिर कुछ लोग तो पैदल भी यात्रा करते थे। लेकिन अब समय बदल चुका है। अब कहीं भी जाने के लिए सोचना नहीं पड़ता है। अपनी कार, टैक्सी, बस, हवाई जहाज और ट्रेन के जरिए आप देश ही नहीं विदेशों में भी यात्रा कर सकते हैं। ऐसे में अगर आप भी घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आप भारतीय रेल की यात्रा कर सकते हैं। ये ट्रेन आपको सुंदर वादियों के बीच यात्रा कराती है, और इस रेल की अपनी कई खासियत हैं। तो चलिए जानते हैं इस रेल के बारे में।
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nilgri mountain train
- फोटो : Twitter/Ministry of Railways
दरअसल, भारतीय रेलवे ने एक के बाद एक कई कीर्तिमान स्थापित किए और अब ऊंचे-ऊचे पहाड़ों में भी भारतीय रेल बड़ी ही तेजी के साथ दौड़ रही है। इसी में से एक जगह है जम्मू-कश्मीर। यहां नीलगिरी माउंटेन रेलवे ने अपने शानदार ट्रैक की वजह से दुनियाभर में एक अलग पहचान बनाई है। ये ट्रेन वादियों के बीच से गुजरती है, और आपको कुदरत के कई अलग नजारे दिखाती है जो आपने शायद ही पहले कभी देखे हों।
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nilgri mountain train
- फोटो : istock
नीलगिरी माउंटेन रेलवे ने मेट्टुपालयम और ऊटी के बीच ट्रेन सेवाओं को फिर से शुरू कर दिया है। नीलगिरी माउंटेन रेलवे पर सफर करने के दौरान तमिलनाडु में कुन्नूर से ऊटी के बीच ये ट्रेन चलती है। वहीं, दक्षिण भारत के दो सबसे मशहूर हिल स्टेशन ऊटी और कुन्नूर को ये जोड़ती है। ये ट्रेन भाप से चलती। यही नहीं, इस रूट को यूनेस्को ने भी हेरिटेज साइट घोषित किया था। हर साल काफी संख्या में लोग इस रूट पर यात्रा करते हैं, और वादियों के बीच एक अलग एहसास लेते हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : istock
इस रूट पर चलने वाली ट्रेन में स्वीस एक्स क्लास कोयले वाला इंजन इस्तेमाल किया जाता है। यहां आपको बता दें कि ये इंजन दुनिया के सबसे पुराने रेलवे इंजन में से एक है। वहीं, इस रूट पर 13 रेलवे स्टेशन हैं, जो बेहद ही खूबसूरत जगह पर बने हुए हैं। इस ट्रेन में यात्रा करते हुए ऐसा एहसास होता है जैसे आप स्वर्ग में चल रहे हैं, क्योंकि वादियों के बीच ये ट्रेन दौड़ती है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : istock
ऊंची पहाड़ियों और खूबसूरत वादियों के बीच से गुजरता ये ट्रैक साल 1908 में बना था, जिसे बनाने में लगभग 18 साल का वक्त लगा था। इस ट्रेन में चार डिब्बे और 180 सीटें होती हैं। कहा जाता है कि ये ट्रेन एशिया की सबसे ऊंची और लंबी मीटर गेज पर चलती है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ट्रेन रूट पर 10 से ज्यादा सुरंग हैं और 258 ब्रिज हैं और इन्ही पर से होकर ये ट्रेन गुजरती है।