Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व शुरू हो चुका है। नवरात्रि के पावन त्योहार पर माता रानी के लगभग हर मंदिर पर भक्तों की भीड़ उमड़ती है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में माता रानी का एक ऐसा मंदिर है जहां भक्त माता रानी के दर्शन के लिए अपनी श्रद्धा से जाते हैं। ये मंदिर कोई और नहीं बल्कि तरकुलहा देवी मंदिर है। मंदिर का इतिहास स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। श्रद्धालु मां के दर्शन और आशीर्वाद के लिए दूर-दूर से आते हैं।
तरकुलहा देवी मंदिर गोरखपुर शहर से करीब 24 किलोमीटर की दूर स्थित है। यह मंदिर चौरी-चौरा में है। यह मंदिर मां दुर्गा के एक शक्तिशाली स्वरूप मां तरकुलहा को समर्पित है। आइए इस लेख में तरकुलहा देवी मंदिर पर पहुंचने के आसान रास्ते के बारे में जानते हैं।
2 of 5
तरकुलहा देवी मंदिर
- फोटो : gorakhpur.nic.in
अगर आप नई दिल्ली से तरकुलहा देवी मंदिर की प्लानिंग बना रहे हैं, तो आपके लिए ट्रेन का सफर सबसे सुविधाजनक और आरामदायक विकल्प हो सकता है। नई दिल्ली से गोरखपुर के लिए नियमित रूप से कई ट्रेनें चलती हैं, जिनमें स्लीपर क्लास का किराया लगभग 450-500 रुपये और एसी थ्री टीयर का किराया 1100-1300 रुपये के बीच होता है।
यदि आप किसी अन्य शहर से तरकुलहा देवी मंदिर आना चाहते हैं, तो गोरखपुर के लिए लगभग सभी प्रमुख शहरों से ट्रेन और बस सेवाएं उपलब्ध हैं। गोरखपुर से तरकुलहा देवी मंदिर तक पहुंचना बहुत आसान है। बता दें कि इस मंदिर का संबंध स्वतंत्रता सेनानी बाबू बंधू सिंह से है, जिन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी।
ये भी पढ़ें- Chaitra Navratri 2025: नैनीताल के इस मंदिर की है खास महिमा, जानें यहां पहुंचने का आसान रास्ता
4 of 5
चौरी-चौरा
- फोटो : gorakhpur.nic.in
गोरखपुर जंक्शन पर उतरने के बाद, आप स्टेशन के बाहर से चौरी-चौरा के लिए बस ले सकते हैं, जिसका किराया 50 रुपये के आसपास है। मंदिर का मुख्य द्वार गोरखपुर राजमार्ग पर है, जिससे वहां पहुंचना सरल है। नवरात्रि के दौरान भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए, जिला प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए हैं। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे भीड़ में धैर्य बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
ये भी पढ़ें- Chaitra Navratri 2025: ज्वाला देवी-कांगड़ा देवी समेत हिमाचल में हैं कई प्रसिद्ध देवी मंदिर
5 of 5
चौरी-चौरा
- फोटो : gorakhpur.nic.in
तरकुलहा देवी मंदिर के दर्शन के बाद, आप ऐतिहासिक चौरी-चौरा स्मारक घूम सकते हैं, जो इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण दर्शनीय स्थल है। चौरी-चौरा स्मारक तरकुलहा मंदिर से 1 किलोमीटर की दूरी पर है। चौरी-चौरा स्मारक उस घटना की याद दिलाता है जिसने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड़ लाया। यह स्मारक आगंतुकों को भारत के स्वतंत्रता संग्राम के बारे में जानने और उन लोगों को श्रद्धांजलि देने का अवसर प्रदान करता है जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए लड़ाई लड़ी।