ये दो भारतीय बहनें अकेली निकलीं घर से, कर रही हैं ऐसा काम कि गर्व करेंगे आप
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जिंदगी में कुछ कर गुजरने का जज्बा हो और थोड़ी सी प्लानिंग हो तो हर छोटे से छोटा कदम व्यक्ति को महान बना सकता है। ये कहानी दो बहनों की है जिन्होंने जीवन में कुछ अलग करने की ठानी और किया ऐसा कारनामा कि आप इनकी कहानी सुनकर गर्व करेंगे। कहानी जरा अलग है। दस साल पहले जब दोनों बहने घर से बस में सवार हुई थीं, तब उन्हें पता भी नहीं था ये सफर खत्म कहां होगा। महज 8 घंटे का सफर तय करने के बाद दोनों शिमला में थीं। शिमला की खूबसूरत वादियों में घूमने के बाद इन्होंने अपने जीवन में कुछ अलग करने का सोचा। आइए आपको भी ले चलने हैं इन दोनों बहनों की अलग कारनामे की कहानी में।
दरअसल, दिल्ली की प्राची और हेमांद्री को लोग घूमो-फिरो सिस्टर्स के नाम से जानते है। दोनों बहनों ने अपने पैशन को ही अपना जॉब बना लिया है। अब दोनों महिलाओं के लिए एडवेंचर्स और टीम बिल्डिंग इवेंट्स का आयोजन करती हैं। लड़कियों को सोलो ट्रेवलिंग के लिए गाइड करती हैं। कई बार ऐसा भी होता है लड़कियां सोलो ट्रेवलिंग पर जाने से डरती हैं, यही वह समय होता है जब प्राची और उन्हें हेमांद्री गाइड करती हैं और उन्हें ट्रेवलिंग के लिए महिला गाइड देती है, जिसे उन्हें सफर के दौरान कोई दिक्कत ना हो।
प्राची और हेमांद्री महिलाओं के लिए एडवेचंर्स और टीम बिल्डिंग इवेंट्स का आयोजन करती हैं, जिसे महिलाओं के अंदर खुलकर जीने की हिम्मत आएं वह खुद को किसी से कम ना समझे। हेमांद्री कहती हैं मेरे आसपास के लोग कहते हैं कि मेरे पैर में पहिया लगा है। हर वक्त घूमने की बात करते हो।
शिमला की पहली ट्रीप ने इनके अंदर घूमने की नई जान डाल दी, जिसके दोनों ने अब तक अपनी यात्रा जारी रखी है। दोनों के परिवार वाले कहते है कि दोनों बहनों के जींस में घूमना है। अब फर्क इतना है कि दोनों खुद के साथ लोगों को भी घूमाती हैं।
दोनों का मानना है ट्रेवल करने से मुझे शांति मिलती है। सोलो ट्रेवल के दौरान बहुत कुछ नया सिखने का मौका मिलता है। मेरा मानना है कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में एक बार सोलो ट्रेवलिंग के लिए जरूर जाना चाहिए। एक बार सोलो ट्रेवलिंग करने के बाद आप अच्छा अनुभव करते हैं।
आप भी घूम सकते हैं अकेले, जानिए क्या होती है सोलो ट्रैवलिंग
इन दिनों सोलो ट्रैवलिंग का क्रेज लड़को में ही नहीं लड़कियों में भी बढ़ता जा रहा है। सोलो ट्रैवलिंग करने का जितना मजा है उतना ही इसमें खुद के प्रति सावधानी बरतनी पड़ती है। अकेले सफर करते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखना होता है। सोलो ट्रैवलिंग के दौरान अपने डेस्टिनेशन पर पहुंचने की प्लानिंग सही तरीके से करें।
सोलो ट्रैवलिंग के लिए कोशिश करे कि दिन में ही वहां पहुंचे। यात्रा के दौरान नए लोगों से बात करें, लेकिन ज्यादा घुलने-मिलने की कोशिश न करें। नये लोगों के साथ ड्रिंक न करें यह आपके लिए हानिकारक साबित हो सकता है, जिस होटल में रुकें वहां के आसपास के बारे में पूरी जानकारी लें। आपको अकेले घूमने जाने के स्वास्थ सही होना चाहिए तथा मन शांत होना चाहिए। अगर आप अपने पार्टनर से ब्रेकअप करके या किसी निजी परेशानियों के कारण घूमने जाती है, तो आप इजॉय नहीं कर पाएंगी,आपका मन हमेशा अशांत रहेगा।
कहां-कहां होती है सोलो ट्रैवलिंग
सोलो घूमने का अपने आप में एक अलग मजा होता है। लेकिन इसके लिए आप गोवा,नैनीताल और अंडमान जैसी जगहों पर अकेले घूमने से ज्यादा अच्छा ग्रुप में घूमना है। सोलो घूमने के लिए आपको एक बेहतर जगह की प्लानिंग करनी होगी। जहां आप खुद को सुरक्षित महसूस करें, इंडिया में सोलो घूमने के लिए वैसे तो कर्इ जगह हैं, लेकिन तमिनलाडु का महाबलिपुरम एक ऐसी जगह है, जहां घूमने के साथ रहने की भी अच्छी व्यवस्था है। महाबलिपुरम की मंदिर और किले की खूबसूरती पूरी दुनिया में फेमस है।
रिसर्च: इंटरनेट या गाइड बुक्स की मदद से सारी जानकारी इकट्ठी कर लें। अपने डेस्टिनेशन तक पहुंचने के लिए ट्रेन से लेकर बस जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट के बारे में सही जानकारी के साथ ठहरने के लिए कौन से होटल होंगे अच्छे इन बातों की भी सही जानकारी होनी चाहिए। इसके अलावा आप जहां जाने का प्लान कर रहे हैं, वहां मोबाइल नेटवर्क कैसा होगा और इमरजेंसी में आपको कहां से मदद मिल सकती है। आपको इन सभी बातों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी लेने के बाद ही यात्रा शुरू करनी चाहिए।
जितना कम सामान उतना अच्छा- यात्रा करते समय आपके पास जितना कम सामान होगा ट्रैवलिंग का मजा उतना ज्यादा आएगा। अगर आपके पास सामान ज्यादा होगा, तो घूमने से पहले आप सामान रखने के लिए होटल ढूंढने में ही वक्त और पैसा खर्च कर देंगे।
धोखा खाने से बचें: अकेले घूमते हुए गलतियों की आशंका ज्यादा रहती है, लेकिन गलतियों से ही हम सीखते हैं। यात्रा पर निकलने से पहले की गई रिसर्च आपको परेशानियों से बचा सकती है।