हमारा देश पारंपरिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रहा है। महोत्सवों के लिहाज से दिसंबर शानदार महीना रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों में मनाए जाने वाले उत्सव और बड़े कार्यक्रम दुनिया भर के देशों का ध्यान अपनी ओर खींचते हैं और बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भारत का रुख करते हैं। आप भी घूम आएं। कहां, क्या देख सकते हैं, हम आपको बता दे रहे हैं:
दिसंबर में होने वाले 7 राज्यों के 8 बड़े उत्सव, प्लान बनाएं और घूम आएं, यादगार रहेगा सफर
गुजरात: रण उत्सव
गुजरात की रंग-बिरंगी संस्कृति देखनी और समझनी हो तो कच्छ के रण उत्सव जरुर जाएं। यहां आपको पारंपरिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अनोखा संगम मिलेगा। कच्छ के रेगिस्तान में आयोजित होने वाला यह उत्सव 15 दिसंबर से शुरू होता है और मार्च तक चलता है। इस उत्सव में आप गरबा नृत्य समेत कच्छ की लोकसंस्कृति से जुड़े कार्यक्रम का आनंद ले सकते हैं। यहां आप ऊंट की सवारी भी कर सकते हैं।
ओडिशा: कोणार्क नृत्य उत्सव
सूर्य मंदिरों के लिए सबसे प्रसिद्ध ओडिशा का कोणार्क दिसंबर में घूमने का बेहतरीन स्पॉट है। पुरी से कोणार्क की दूरी महज 35 किलोमीटर दूर है और रेल या सड़क मार्ग से भी यहां पहुंचना बहुत आसान है। हर साल एक से पांच दिसंबर के बीच कोणार्क नृत्य उत्सव का आयोजन किया जाता है। इस उत्सव में ओडिसी, भरतनाट्यम, कुचीपुड़ी और कत्थक जैसी नृत्य कलाएं देख सकते हैं। इस उत्सव में दुनिया भर से कलाकार शामिल होते हैं।
ओडिशा: सैंड आर्ट का श्रीक्षेत्र उत्सव
जगन्नाथ मंदिर के लिए प्रसिद्ध ओडिशा के शहर पुरी का एक और नाम है- श्रीक्षेत्र। यहां मनाया जाने वाला श्रीक्षेत्र उत्सव पुरी के प्रति पर्यटकों के आकर्षण का बड़ा कारण है। चार दिसंबर से 25 दिसंबर तक चलने वाले इस उत्सव में सैंड आर्ट के एक से बढ़कर एक कलाकृतियां देखने को मिलती है। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य पुरी की परंपराओं को जीवंत बनाए रखना है।
राजस्थान: माउंट आबू विंटर फेस्टिवल
माउंट आबू की हसीन वादियों में नए साल का स्वागत करने को 29 से 31 दिसंबरर तक तक विंटर फस्टिवल मनाया जाता है। इस उत्सव में रंग-बिरंगी परंपरागत वेशभूषा में कलाकार लोकनृत्य और संगीत की रंगारंग झांकी प्रस्तुत करते हैं। शाम-ए-कव्वाली और आतिशबाजी इस फेस्टिवल का खास हिस्सा हैं। घूमर, गैर और धाप जैसे लोक नृत्यों के साथ डांडिया नृत्य भी होते हैं। इस दौरान नक्की झील में बोट रेस का आयोजन भी किया जाता है।