अगर आप भारत घूमना चाहते हैं तो इसके लिए आपको बड़े-बड़े होटलों और रेस्तरां को छोड़कर गांव में आना पड़ेगा। अगर आपको शांति और सुकून पसंद हैं तो भारत के गांव घूमने के लिए बेहतर विकल्प हैं। इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं भारत के उन गांवों के बारे में जहां की ट्रिप आपके लिए यादगार हो सकती है।
शहरों में नहीं बल्कि भारत के इन 5 गांवों में घूमें, दिखेगा असली हिंदुस्तान
तोश, हिमाचल प्रदेश
खूबसूरत वादियों के बीच में बसा तोश गांव प्राकृतिक रूप से बेहद ही खूबसूरत है। कसोल के पास मौजूद ये गांव पार्वती वैली से घिरा हुआ है। इस गांव की खूबसूरती देखते ही बनती है, जहां चारो तरफ पहाड़ और हरियाली ही मौजूद है। पर्यटकों के बीच यह खूबसूरत-सा गांव शांति और सुकून के लिए जाना जाता है। इस गांव में अधिकतर इजरायल और यूरोप के लोग घूमने आते हैं। इस गांव में आपको ज्यादा कुछ करने को नहीं मिलेगा, लेकिन आप अपने हर एक कदम पर सबकुछ अनछुआ सा महसूस करेंगे।
मावलिननांग गांव, मेघालय
एशिया का सबसे साफ गांव मेघालय के मावलिननांग गांव को कहा जाता है। मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग से थोड़ी दूर पर मौजूद खासी हिल्स के क्षेत्र में यह गांव आता है। यहां पेड़ों की जड़ों से प्राकृतिक पुल बने हुए हैं और ऐसे पुल केवल मेघालय में ही पाए जाते हैं। यहां पर आप किसी भी महीने में जा सकते हैं। शिलांग से महज सौ किलोमीटर की दूरी पर मौजूद ये गांव भारत का सबसे स्वच्छ गांव है। करीब 85 फीट की ऊंचाई वाले टॉवर से यहां घूमने आए लोग अद्भूत दृश्य का नजारा लेते हैं। इसके अलावा यहां पर मौजूद ट्री-हाउस बहुत ही खूबसूरत होते हैं।
तर्कारली, महाराष्ट्र
समुद्र किनारे बसा ये गांव बहुत ही प्यारा-सा गांव है और इसकी खूबसूरती को बढ़ाता है तर्कारली बीच की सफेद चादरों वाली रेत और साफ पानी। आप इस आईलैंड पर सिंद्धूदुर्ग किला देख सकते हैं जो करीब 1600 ईस्वी में शिवाजी महाराज द्वारा बनवाया गया था। आप यहां पर कई सारे वॉटर गेम्स का लुत्फ उठा सकते हैं।
माणा गांव, उत्तराखंड
उत्तराखंड के चमोली जिले में मौजूद माणा गांव भारत का आखिरी गांव है, जो इसे और खूबसूरत बनाता है। यह बद्रीनाथ से करीब तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस गांव का नाम भगवान शिव के भक्त मणिभद्र देव के नाम पर रखा गया है। यह गांव समुद्र तल से तरीब तीन हजार फुट की ऊंचाई पर स्थित है। यहां कई ऐसिहासिक स्थान आपको देखने को मिल जाएंगे। आप गांव में जैसे ही अंदर की ओर जाएंगे आपको सबसे पहले गणेश गुफा नजर आती है। इसके अलावा आपको भीम पुल देखने को मिल जाएगा। पौराणिक कथाओं के मुताबिक जब पांडव स्वर्ग की ओर जा रहे थे इस दौरान सरस्वती नदी से उन्होंने रास्ता मांगा लेकिन सरस्वती ने उन्हें रास्ता नहीं दिया। जिस पर भीम ने दो बड़ी शिलाएं उठाकर नदी के ऊपर रख दिया, जिससे पुल का निर्माण हुआ। इसके अलावा आप को इस गांव में व्यास गुफा, तप्त कुंड और नीलकंठ पीक देखने को मिल जाएगा।