अक्सर हम सभी 'कहां घूमने जाएं' को लेकर असमंजस में रहते हैं और अंत उसी जगह का प्लान बना लेते हैं जहां हम पहले घूम चुके होते हैं। ऐसा आपके साथ अब ना हो इसलिए हम आपको देश के उन छोटे शहरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो बड़े शहरों की मोह माया से बिल्कुल दूर, शांत और मनोरम घाटियों में बसे हैं। अगर आप गर्मी की छुट्टियों में कही नहीं निकल पाए तो यही समय है घूमने निकलने का क्योंकि इस मौसम में न ज्यादा सर्दी है और न गर्मी। ऐसे में इन शहरों की खूबसूरती आपका सारा तनाव दूर कर देगी।
बड़े शहरों से दूर सुकून चाहते हैं तो भारत के इन पांच गुमनाम शहरों का रुख करें
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हिमाचल प्रदेश के हरे-भरे पिटारे में छुपा एक बहुमूल्य रत्न है राजगुंध, जो बिलिंग और बरोट घाटी के बीच में कहीं बसा हुआ है। ये शांत और सुंदर गांव घाटियों में इस कदर छुप कर बसा है कि बहुत से मुसाफिरों को इसके बारे में भनक तक नहीं है। ये सुंदर सी जगह धौलाधार पर्वत शृंखलाओं से घिरी है। इस गांव तक पहुंचने के लिए अगर आप बिलिंग से शुरुआत करते हैं तो आपको 14 कि.मी. की चढ़ाई करनी होगी।
नैनीताल से मात्र 22 कि.मी. की दूरी पर स्थित भीमताल की सुंदरता और शांति आप को इस जगह का दीवाना बना देगी। भीमताल में आप नाव चलाने का मस्ती भरा अनुभव ले सकते हैं या झील के किनारे चारों ओर टहलते हुए यहां की हरियाली और कुदरत की खूबसूरती का लुत्फ उठा सकते हैं। यहां घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च तक होता है।
हिमाचल प्रदेश में एक और ऐसा छोटा सा कस्बा है जो अन्य गांवों से काफी हटकर है। इस जगह का नाम तीर्थन घाटी है। तीर्थन नदी की जलधारा के पास बैठ कर कुछ देर आराम करने से आपकी पूरे हफ्ते की थकान उतर जाएगी। नदी का पानी इतना साफ है कि बैठे- बैठे आपको ऐसी कई प्रकार की अनोखी मछलियां देखने को मिलेंगी जो शायद और कहीं न मिले। तीर्थन घाटी कोई छोटी जगह नहीं बल्कि हिमाचल की गोद में छुपा अमूल्य रत्न है। यहां आप साल में कभी भी घूमने जा सकते हैं।
धर्मशाला से लगभग 70 कि.मी. की दूरी पर स्थित बीर पहाड़ों में छुपा एक छोटा सा शहर है, जहां आप शांत समय बिता सकते हैं। यहां तिब्बती संस्कृति की जड़ें बहुत गहराई से फैली हैं। आप यहां के अलग मठों में तिब्बती धर्म की शिक्षा भी ले सकते हैं। मन करे तो पास ही स्थित गुनेहर गांव में बहती नदी भी देखने जा सकते हैं।