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Basant Panchami 2025: ये हैं मां सरस्वती के प्रसिद्ध मंदिर, वसंत पंचमी पर परिवार संग करें दर्शन

Thu, 30 Jan 2025 01:16 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवानी अवस्थी Updated Thu, 30 Jan 2025 01:16 PM IST
सार

अगर आप वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा के लिए किसी मंदिर में जाना चाहते हैं, तो ये कुछ प्रसिद्ध सरस्वती मंदिरों के बारे में जानकारी दी जा रही है। 

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Basant Panchami 2025 Maa Saraswati Temples to visit with family for blessings
देश के प्रसिद्ध सरस्वती मंदिरों में पूजा कर सकते हैं (चित्र सांकेतिक) - फोटो : amar ujala

Basant Panchami 2025: वसंत पंचमी का पर्व माता सरस्वती को समर्पित है। इस दिन मां सरस्वती की विशेष पूजा की जाती है। इस बार वसंत पंचमी 2 फरवरी 2025 को मनाई जा रही है। इस मौके पर घरों और स्कूलों में सरस्वती पूजा की जाती है। संगीत और विद्या की देवी माता सरस्वती की पूजा के लिए आप भारत के कुछ मंदिरों के दर्शन के लिए भी जा सकते हैं। इन मंदिरों में वसंत पंचमी पर जाकर मां सरस्वती की कृपा प्राप्त कर सकते हैं और अपने जीवन में ज्ञान, संगीत और विद्या का आशीर्वाद पा सकते हैं।



भारत में कई प्रमुख सरस्वती मंदिर हैं, जहां वसंत पंचमी के अवसर पर विशेष पूजा और उत्सव का आयोजन किया जाता है। अगर आप वसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा के लिए किसी मंदिर में जाना चाहते हैं, तो ये कुछ प्रसिद्ध सरस्वती मंदिरों के बारे में जानकारी दी जा रही है। 
 

Basant Panchami 2025 Maa Saraswati Temples to visit with family for blessings
माता सरस्वती की पूजा के लिए तेलंगाना में मंदिर बना हुआ है (चित्र सांकेतिक) - फोटो : adobe stock

श्री ज्ञान सरस्वती मंदिर , तेलंगाना

तेलंगाना के  बसरा में भारत का सबसे प्रसिद्ध सरस्वती मंदिर है, जहां वसंत पंचमी पर हजारों श्रद्धालु आते हैं। यहां अक्षराभ्यास (बच्चों की पढ़ाई की शुरुआत) के लिए विशेष पूजा होती है। गोदावरी नदी के तट पर स्थित ये मंदिर भारतीय  उपमहाद्वीप के दो प्रसिद्ध सरस्वती मंदिरों में से एक है। पौराणिक कथानुसार , महाभारत युद्ध के बाद इसी जगह पर वेदव्यास ने देवी  सरस्वती की तपस्या की थी। जिससे खुश होकर देवी ने उन्हें दर्शन दिए थे।

Basant Panchami 2025 Maa Saraswati Temples to visit with family for blessings
(चित्र सांकेतिक) - फोटो : adobe stock

श्रृंगेरी शारदा पीठ, कर्नाटक

कर्नाटक में स्थित श्रृंगेरी शारदा पीठ को शारदाम्बा मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि मंदिर की स्थापना आदि गुरु शंकराचार्य ने आठवीं सदी में की थी। मंदिर तुंगा नदी के तट पर स्थित हैं। पहले यहां चंदन की लकड़ी से बनी मां सरस्वती की मूर्ति स्थापित थी, जिसे बाद में संत विद्यारण्य ने सोने से बनवाकर स्थापित कराया।

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(चित्र सांकेतिक) पु्ष्कर में मां सरस्वती का मंदिर - फोटो : adobe stock

सरस्वती मंदिर पुष्कर

राजस्थान के पुष्कर में भी मां सरस्वती का मंदिर स्थित है। पुष्कर का यह मंदिर विशेष रूप से विद्या और संगीत के साधकों के बीच प्रसिद्ध है। वसंत पंचमी पर यहां भव्य उत्सव मनाया जाता है। कहते हैं माता सरस्वती के श्राप के बाद ही भगवान ब्रह्म का मंदिर सिर्फ पुष्कर में ही बना है। 

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(चित्र सांकेतिक) पीओके में सरस्वती माता मंदिर - फोटो : adobe stock

 शारदा पीठ, कश्मीर 

कश्मीर के पाकिस्तान-अधिकृत क्षेत्र (पीओके) में सरस्वती मां का मंदिर बना हुआ है। यह मंदिर प्राचीन समय में विद्या और ज्ञान का प्रमुख केंद्र था। हालांकि यह वर्तमान में पाकिस्तान के नियंत्रण में है, लेकिन इसकी ऐतिहासिक महत्ता आज भी बनी हुई है। मंदिर कुपवाड़ा से करीब 22 किमी दूर है। मान्यता है कि मंदिर का निर्माण महाराज अशोक ने 237 ईसा पूर्व कराया था। इसे देवी के 18 महाशक्ति पीठों में से एक माना जाता है।

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