Ramayana in different countries: अयोध्या नगरी में आज रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की महोत्सव मनाया गया। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के बाल स्वरूप की प्रतिमा अयोध्या के राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित हो गई और उसकी प्राण प्रतिष्ठा की पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्पन्न की। इसी के साथ अयोध्या के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
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थाईलैंड और राम
थाईलैंड में भी प्रभु राम की मान्यता है। यहां रामकियेन पढ़ी जाती है, जो कि थाई रामायण है। हालांकि यह वाल्मीकि रामायण से थोड़ी अलग है। कहते हैं कि जब दक्षिण भारत से समुद्र के जरिए लोग थाईलैंड पहुंचे तो रामायण भी यहां पहुंची। थाई राजा रामा-1 ने रामायण के संस्करण को लिखा। रामकियेन में थॉमसन का किरदार रामायण के रावण का माना जाता है। थाईलैंड में राजा को भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है, इसलिए यहां राजा के नाम रामा-1, रामा-2, रामा 10 आदि दिया जाता है।
इंडोनेशिया और राम
सबसे ज्यादा मुस्लिम आबादी वाले देश इंडोनेशिया में भी रामायण के वर्जन काकविन रामायण को पढ़ा जाता है। यह इंडोनेशिया का महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इस देश में अयोध्या भी है और राम एक नायक के तौर पर पूजनीय भी हैं। कहते हैं कि राम की सेना के प्रमुख सुग्रीव ने सीता माता की खोज के लिए सैनिकों को जावा द्वीप, यवद्वीप भेजा, जो कि इंडोनेशिया में है।
नेपाल और राम
नेपाल भगवान राम का ससुराल है। माता सीता नेपाल के जनकपुर की राजकुमारी हैं। प्रभु राम अपने गुरु संग नेपाल तक पहुंचे, जहां वह माता सीता के स्वयंवर में शामिल हुए। बाद में जानकी को विदा कराकर अयोध्या ले आए। इस कारण नेपाल के लोग भगवान राम को दामाद मानते हैं और उनकी पूजा करते हैं।
श्रीलंका और राम
लंका पति रावण ने माता सीता का हरण किया था, जिन्हें रावण से बचाने के लिए प्रभु राम अपनी वानर सेना संग लंका पहुंचे थे। लंका जाने के लिए पूरी वानर सेना ने रामसेतु पुल का निर्माण किया था।