आंवला अपने औषधीय गुणों के कारण कई सारी समस्याओं का निवारण करता है। महिलाएं आंवले का सबसे ज्यादा प्रयोग करती हैं क्योंकि इसके सेवन से बाल बढ़ते हैं और अतिरिक्त चर्बी भी कम होती है लेकिन डायबिटीज के मरीजों के लिए तो यह वरदान से कम नहीं है क्योंकि इसमें वो सभी तत्व पाएं जाते हैं जो कि डायबिटीज के रोगियों के लिए आवश्यक होते हैं। आंवले को कुछ लोग कच्चा खाते हैं तो कुछ पाउडर बनाते हैं लेकिन आंवले की चाय के सेवन से जो लाभ होते हैं, वे अद्भूत हैं। अगली स्लाइड्स के माध्यम से जानिए आंवले की चाय बनाने की विधि एवं उसके अन्य लाभ।
डायबिटीज और मोटापा कम करती है यह अद्भुत चाय, इसे बनाना है बेहद आसान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आंवले की चाय बनाने की विधि
आंवले की चाय बनाने के लिए एक पैन में डेढ़ या दो कप पानी डालकर गैस पर चढ़ा दें। जब पानी में उबाल आने लगे तो इसमें 1 चम्मच आंवला पाउडर और थोड़ा सा अदरक डाल दें। इसके अलावा पुदीने की 2 से 3 ताजी पत्तियां भी डाल सकते हैं। इस मिश्रण को 2 मिनट तक उबालने के बाद गैस से उतार लें। अब छलनी से छानकर इसका सेवन करें।
इसलिए आंवला है डायबिटीज के रोगियों के लिए फायदेमंद
आंवला डायबिटीज रोगियों के लिए बहुत फायदे की चीज है। इसमें पाए जाने वाले तत्व डायबिटीज और ब्लड शुगर को बढ़ने से रोकते हैं। इतना ही नहीं आंवला में फाइबर की भी भरपूर मात्रा होती है, जो रक्तप्रवाह में शुगर को धीरे-धीरे रिलीज करने में सहायता करता है। वहीं आंवले में पाए जाने वाला क्रोमियम ब्लड प्रेशर से लेकर ब्लड शुगर तक को नियंत्रण में रखता है।
अन्य फायदे
आंवले की चाय के सेवन के कई सारे फायदे हैं। बालों के विकास के लिए इसका सेवन करना लाभदायक है। मोटापे को यदि कम करना है तो नियम से प्रतिदिन इस चाय का सेवन करें। बाहर का खान-पान इस दौरान बंद रखें।
इस चाय के सेवन से शरीर में मौजूद समस्त विषैले टॉक्सिन बाहर आ जाते हैं , जिससे बॉडी डिटॉक्स होती है। इससे आप गंभीर बीमारियों से बचे रहते हैं। साथ ही इससे पाचन तंत्र भी सही रहता है। कब्ज, एसिडिटी, भूख ना लगना, पेट में इंफेक्शन व दर्द जैसी बीमारियों में भी यह लाभकारी है।