Republic Day First Parade: भारत के इतिहास में 26 जनवरी 1950 वह सुबह थी, जब देश ने सिर्फ संविधान ही नहीं अपनाया, बल्कि अपनी नई पहचान को दुनिया के सामने गर्व से पेश किया। आज की भव्य और तकनीक से सजी गणतंत्र दिवस परेड को देखकर शायद यकीन करना मुश्किल हो, लेकिन पहली परेड सादगी, अनुशासन और आत्मसम्मान की मिसाल थी।
उस समय परेड में आज जैसी झांकियों की भरमार नहीं थी, लेकिन सेना, पुलिस और अर्धसैनिक बलों की टुकड़ियों ने अनुशासन और एकता का शानदार प्रदर्शन किया। राज्यों की सांस्कृतिक झलक सीमित थी, पर संदेश स्पष्ट था कि भारत विविध है, लेकिन एक है।
1950 की तस्वीरों में सादे परिधानों में खड़े लोग, तिरंगे से सजी सड़कें और बिना तामझाम का उत्सव दिखता है। यही सादगी उस दौर की ताकत थी। सच कहें तो, पहली गणतंत्र दिवस परेड ने यह साबित कर दिया कि भारत की असली शक्ति हथियारों में नहीं, बल्कि उसके संविधान और जनता में है।
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राजेंद्र प्रसाद पालकी बग्घी से पहुंचे थे कार्यक्रम में
- फोटो : Indianculture,gov,in
राजेंद्र प्रसाद पालकी बग्घी से पहुंचे थे कार्यक्रम में
पहली गणतंत्र दिवस परेड नई दिल्ली के इरविन स्टेडियम (आज का नेशनल स्टेडियम) से शुरू होकर किंग्सवे (अब राजपथ/कर्तव्य पथ) तक पहुंची। देश के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद खुली बग्घी में सवार थे, उस समय न कोई बुलेटप्रूफ शीशा था, न आधुनिक सुरक्षा घेरा। जनता सड़कों के दोनों ओर खड़ी थी, आंखों में उत्साह और दिल में आज़ादी का गर्व लिए।
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गणंतंत्र दिवस 1950 की तस्वीरें
- फोटो : Instagram
पहली गणतंत्र दिवस परेड
ये तस्वीर 26 जनवरी 19950 की है, जब पहले गणतंत्र दिवस के मौके पर भारतीय सेना के 3000 से ज्यादा जवानों ने राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के सामने मार्च किया। उस समय नई दिल्ली के इरविन स्टेडियम से राष्ट्रपति भवन तक गणतंत्र दिवस परेड आयोजित की गई थी, इस परेड का उद्देश्य भारत की सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विविधता और राष्ट्रीय एकता को प्रदर्शित करना था।
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गणंतंत्र दिवस 1950 की तस्वीरें
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संविधान सभा सदस्य नेहरू, पटेल के साथ
संविधान सभा की ये तस्वीर 25 जनवरी 1950 की है। इसमें पंडित जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल, बाबासाहेब अंबेडकर, पहली पंक्ति में तत्कालीन नेताओं के साथ बैठे हैं।
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संविधान सभा की महिला सदस्य
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संविधान निर्माण में इन महिलाओं की थी भूमिका
तस्वीर में नजर आ रहीं महिलाएं संविधान सभा की सदस्य हैं। इसमें जिसमें अम्मू स्वामीनाथन, एनी मैकलारेन, बेगम एजाज रसूल, दुर्गाबाई देशमुख, हंसा जीवराज मेहता, राजकुमारी अमृत कौर, सरोजिनी नायडू, सुजेता कृपलानी, विजयलक्ष्मी पंडित, दक्षायनी वेलायुधन, कमला चौधरी, लीला राॅय, मालती चौधरी, पूर्णिमा बनर्जी, रेणुका रे का नाम शामिल है।