कोरोना वायरस की वजह से लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव आया। उनके रहन सहन से लेकर खान-पान, नौकरी आदि सभी कुछ प्रभावित हुआ। संक्रमण से बचाव के लिए कई तरह के प्रतिबंध लगे। लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ गया। एक तरफ स्कूल-कॉलेज बंद हो गए तो दूसरी तरफ वर्क फ्राॅम होम शुरु हो गया। इसके अलावा लोगों का मिलना जुलना बंद हो गया। ऐसे में किसी खास मौके पर दोस्त, घर-परिवार व रिश्तेदारी के लोगों का शामिल होना भी कुछ सीमाओं के दायरे में आ गया। इस कोरोना काल में अगर सबसे ज्यादा किसी बात पर प्रभाव पड़ा तो वह हैं शादियां। शादी किसी भी देश, धर्म और समाज के लोगों के लिए एक ऐसा मौका होता है, जिसमें परिवार, दोस्त, रिश्तेदार सभी एकत्र होते हैं और नव दंपत्ति को आशीर्वाद देते हैं। शादी की रस्में किसी उत्सव से कम नहीं होती लेकिन कोरोना काल में शादी का स्वरूप भी बदल गया। चलिए जानते हैं कि साल 2021 में कोरोना संक्रमण के खतरे के बीच कैसे हुई शादियां।
Year Ender 2021: कोरोना काल में बदला शादियों का तरीका, बारातियों के स्वागत से दूल्हा-दुल्हन के लुक तक में आया बदलाव
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छोटा फैमिली इवेंट बन गई शादियां
भारत में शादी धूमधाम और भीड़-भाड़ के साथ होने वाली एक रस्म है लेकिन कोरोना काल में यह एक छोटे फैमिली इवेंट में तब्दील हो गई। लॉकडाउन के समय कोविड गाइडलाइन के तहत शादी में गिने चुने मेहमानों के शामिल होने की अनुमति दी गई। जिन शादियों में हजारों बराती और जनाती शामिल होते थे, वहां उनकी संख्या पर नियंत्रण लग गया। वर वधु के अलावा परिवार के कुछ खास रिश्तेदारों के बीच शादी की रस्म हुईं।
शादी के खर्चे हुए कम
कोरोना काल में शादियों का बजट भी कम हो गया। न तो शादी में ज्यादा लोग शामिल हो सके और न ही मेहमानों के स्वागत सत्कार में अधिक खर्च की जरूरत पड़ी। ऐसे में शादी के लिए बड़े बैंक्वेट हाॅल और प्लेट पर होने वाले खर्च में कमी आई। जहां लाखों का खर्च होता था वहीं हजारों के बजट में शादियां हुईं।
शादी में सोशल डिस्टेंसिंग का प्रबंध
शादी कार्यक्रमों में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखा गया। मेहमानों के बैठने से लेकर फूड स्टॉल तक में ऐसी व्यवस्था की गई ताकि सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे। इसके अलावा दूल्हा-दुल्हन के फेरों के दौरान कम लोगों को शामिल कराया गया ताकि सोशल डिस्टेंसिंग बनी रहे। मंडप भी इसी तरह से बनाए गए।
बारातियों के स्वागत का बदला तरीका
शादियों में पहले बरातियों का स्वागत फूलों और इत्र से होता था लेकिन कोरोना काल में बारातियों के स्वागत के लिए थर्मल चेकअप का इंतजाम गेट पर ही किया जाने लगा। साथ ही सैनिटाइजर स्प्रे की व्यवस्था की गई। बिना थर्मल चेकअप के शादी में एंट्री पर रोक लगा दी गई, अब चाहे मेहमान दूल्हे के फूफा हों या दुल्हन के जीजा हों।