मैं सेंट्रल लंदन के मशहूर सैवॉय होटल के सामने खड़े होकर छात्रों के एक समूह के साथ इंतजार कर रहा था। उन छात्रों ने 'स्ट्रीट अट्रैक्शन' के संस्थापक और हेड कोच को 700 डॉलर से ज्यादापैसे दिए। इसके बाद एडी हिचेंस को सभी पुरुषों ने उनका परिचय जानने के लिए घेर लिया। फिर एडी हिचेंस ने कहा, "हैलो! मैं एडी हूं। मैं हेट्रोसेक्शुल पुरुष (महिलाओं से आकर्षित होना वाला) हूं और मुझे सेक्स की लत है। मैं साल 2005 से 'गेम' में शामिल हूं और 2011 से इसकी कोचिंग दे रहा हूं।"
जहां मर्दों को सिखाया जाता है कि वे औरतों को कैसे रिझाएं ?
'गेम' एक तरह का कारोबार है। अरबों रुपयों का कारोबार। ये एक ऐसा कारोबार है जहां मर्द, दूसरे मर्दों को सिखाते हैं कि औरतों को कैसे रिझाना है। वैसे, अगर मर्द औरतों को रिझाने की कोशिश कर रहे हैं तो इसमें कुछ भी नया नहीं है। लेकिन आज के इस डिजिटल युग में ऐसे कोर्स ऑनलाइन भी मौजूद हैं जिनमें ये सिखाया जाता है कि एक बार में एक साथ कितनी ज्यादा औरतों को सेक्स के लिए राजी किया जा सके और कितनी जल्दी। ये तेजी से उभरती ग्लोबल इंडस्ट्री का हिस्सा है जो एक नेटवर्क के जरिए इंटरनेट वीडियो चैनल से जुड़े होते हैं और इन वीडियो चैनलों के हजारों सब्सक्राइबर होते हैं। इन वीडियोज और 'बूटकैंप्स' में नियम सिर्फ मर्दों को ही बताए जाते हैं। औरतों को तो इस बात का भी पता नहीं होता है कि वो इस गेम का हिस्सा भी हैं। ये एक ऐसा गेम है जो यौन उत्पीड़न को बढ़ावा देने वाला बन सकता है और अमूमन यौन संबंधों में जिस सहमति की बात की जाती है उसे पूरी तरह से झुठला सकता है।
हिचेंस ने बाकी ग्रुप को इशारा किया कि वो उन्हें अपने बारे में बताएं। उनका ये इशारा मेरे लिए भी था। मैं, जो एक अंडरकवर पत्रकार था और कुछ ऐसे दिखावा कर रहा था जैसे मैं अभी-अभी इसका हिस्सा बना हूं। इस ग्रुप में काफी विविधता थी। अलग-अलग तरह के लोग। अलग-अलग देशों के लोग। एम्सटर्डम का एक शेफ, अमरीका एक पूर्व नौसैनिक, एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर जो ब्राजील से था, डब्लिन का एक कंप्यूटर प्रोग्रामर और मैनचेस्टर का एक डॉक्टर। इसके बाद परिचय देने की मेरी बारी आई।
मैंने कहा, "हाय! मेरा नाम माइकल गिब्सन है। मैंने ये नाम खुद को याद करवाया था क्योंकि बतौर अंडरकवर पत्रकार यही मेरा नाम था। मैं डे-गेम में नया हूं। अभी हाल ही में मेरा मेरी गर्लफ्रेंड के साथ ब्रेकअप हुआ है। हम छह साल से साथ थे।" और कुछ इस तरह मैं अपनी जिंदगी के सबसे अजीबोगरीब लेकिन कभी नहीं भुलाए जाने वाले अनुभव से रूबरू होने वाला था। एक यात्रा... रिझाने के कथित कारोबार और उसकी दुनिया की...
ए गेम
अदनान अहमद ने 'स्ट्रीट अट्रैक्शन' की ट्रेनिंग ली हुई थी। फिलहाल वो जेल में है। उन पर जवान लड़कियों को डराने और और उनके साथ अभद्र व्यवहार करने के आरोप में केस चल रहा है और वो अदालत के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। लेकिन सिर्फ एक साल पहले तक, वो खुद को पिक अप आर्टिस्ट के तौर पर पेश किया करते थे। या यूं कहें इसका शो ऑफ किया करते थे। एडी-ए गेम। अहमद अपने (विंग मेन) साथियों के साथ ग्लासगो शहर सिटी सेंटर के आस-पास घूमा करते थे और सड़क पर औरतों के साथ बात करते हुए चुपके से उनकी वीडियो बनाया करते थे।
यूनिवर्सिटी में उनके साथ पढ़ने वाले एक युवक ने मुझे बताया कि अहमद ने यू ट्यूब पर 250 से ज्यादा वीडियो अपलोड किए थे जिसमें वो ये बता रहे थे कि उन्होने कितनी लड़कियों के साथ सेक्स किया है। इनमें उन लड़कियों के वीडियो भी शामिल थे जिनसे उन्होंने छिपाकर वीडियो बनाए थे। अपने एक वीडियो में उन्होंने कहा था, "ज्यादा औरतों के साथ सेक्स करने का कारण ये है कि सिर्फ बहादुर लोग ही ऐसा कर पाते हैं।" ये सिर्फ एक मर्द के अंदर बसने वाली 'मिसॉजनी' (औरतों से नफरत और उन्हें नीचा समझने की भावना) नहीं थी। इससे ज्यादा भी बहुत कुछ था।
इसमें बिजनस था, सेल्स था, लाइफस्टाइल कोचिंग थी और कई जटिल शब्द थे जैसे : 'इन फील्ड फुटेज', 'एलएमआर', 'नंबर क्लोज' और 'सार्जिंग'। ये शब्द अहमद जैसे 'पिक-अप आर्टिस्ट' की भाषा के हैं जिन्हें वो 'गेम' के कारोबार में इस्तेमाल करते हैं। एक वीडियो में अहमद ने एक ऐसी महिला को दिखाया जो एक कॉन्डोम के साथ सो रही थी। इसे अहमद ने 'सेम नाइट ले' कहा था।