बहुत सारे ऐसे कपल्स होते हैं जो माता-पिता नहीं बन सकते। इसके लिए वो बच्चों को गोद लेते हैं। जिसके लिए कई कानूनी दिशानिर्देश और नियम हैं जिसके तहत बच्चे गोद ले सकते हैं। लेकिन जो सहसे महत्वपूर्ण बात होती है गोद लिए हुए बच्चों का पालन-पोषण करना व उनसे कैसा व्यवहार करना। ऐसा कहा जाता है कि रिश्ते मानव मनोविज्ञान का आधार बनते हैं और यह बच्चे के लिए जाने के कि उसके माता-पिता दत्तक माता-पिता हैं। इससे बच्चा आहत भी हो सकता है। इसलिए आपके लिए कुछ सुझाव दिए गए हैं कि आप अपने गोद लिए हुए बच्चे से क्या कहें।
गोद लिए हुए बच्चों के सामने न कहें ये बात, पहुंचा सकती है उन्हें आघात
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किसी भी झगड़े का उल्लेख न करें
कभी भी बच्चे के सामने यह न कहें कि अगर उनका खुद का बच्चा होता तो वह बहुत ही खूबसूरत होता। ऐसा कहने से बच्चे पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके अलावा अगर आप गोद लिए हुए बच्चे को इस बात का लगातार एहसास कराते हैं कि वह परिवार के अन्य सदस्यों से अलग दिखता है तो यह गलत बात है। आपका बच्चा इसके प्रति संवेदनशील हो सकता है।
उन्हें कभी लकी न कहें
कभी भी गोद लिए हुए बच्चे को इस बात का एहसास न होने दें कि अगर आपने उसे गोद नहीं लिया होता तो उसका कोई नहीं होता। इससे बच्चे के दिल को चोट पहुंच सकती है। इसके अलावा हमेशा उसके सामने यह बात न कहें कि जबसे आपने बच्चे को गोद लिया है आपकी जिंदगी में सबकुछ सही हो गया है।
इसे गुप्त न रखें
अधिकांश माता-पिता इस बात को महान मानते हैं कि वो बच्चे को कभी नहीं बताते हैं कि उन्होंने उसे गोद लिया हुआ है। जबकि ये बच्चे के लिए गलत साबित हो सकता है। बल्कि जितना जल्दी हो सके बच्चे को उसकी वास्तविकता के बारे में बताएं। इस तरह गोद लिया हुआ बच्चा सच्चाई जानने तक अपने जीवन के बेहतर हिस्से के लिए इस छलावे में नहीं रहेगा।
हर वक्त बच्चों के प्रति सहानुभूति न दिखाएं
हर समय गोद लिए हुए बच्चे के प्रति सहानुभूति दिखाना सही नहीं है। आपका काम स्वस्थ वातावरण बनाना और उसकी मानसिकता को मजबूत करना है। सहानुभूति देकर आप बस अपने दत्तक बच्चे को कमजोर बना रहे हैं। उन्हें एक सामाम्य जीवन जीने दें और अनावश्यक सहानुभूति से बचें।