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हां, मैं स्पर्म बेचता हूं पर यह कोई गुनाह नहीं'

Sun, 03 Feb 2019 12:51 AM IST
मोना नारंग लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: मोना नारंग Updated Sun, 03 Feb 2019 12:51 AM IST
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Strange Story of a man who sell sperm tells this is not crime
"विक्की डोनर'' में तो अडल्ट तस्वीरें लगी दिखाई थीं - फोटो : social media

"विक्की डोनर'' में तो अडल्ट तस्वीरें लगी दिखाई थीं, लेकिन यहां तो एक वॉशरूम है जहां दीवार, कमोड, नल और वॉशबेसिन हैं पहली बार मैं काफ़ी असहज महसूस कर रहा था।अपने कमरे में हस्तमैथुन करना और बेचने के लिए करना, दोनों में बहुत फर्क है। वॉशरूम में एक प्लास्टिक के कंटेनर पर मेरा नाम लिखा था, मैंने हस्तमैथुन करने के बाद उसे वॉशरूम में छोड़ दिया,मुझे इसके एवज में 400 रुपए दिए गए,मेरी उम्र 22 साल की है और मैं एक इंजीनियरिंग का छात्र हूं।मेरी उम्र में गर्लफ्रेंड की चाह होना और किसी के प्रति यौन आकर्षण होना आम बात है,लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप किसी के साथ भी शारीरिक संबंध बना लेंगे।

Strange Story of a man who sell sperm tells this is not crime
मैं जिस छोटे शहर से आता हूं वहां शादी से पहले संबंध बनाना इतना आसान नहीं होता - फोटो : social media

मैं जिस छोटे शहर से आता हूं वहां शादी से पहले संबंध बनाना इतना आसान नहीं होता। मुझे लगता है कमोबेश यही स्थिति लड़कियों की भी होती है.ऐसे में लड़कों के लिए हस्तमैथुन एक विकल्प बनता है, लेकिन मुझे क्या पता था कि जिसे कल तक बर्बाद करता था उसे आज बेचने जाने लगूंगा।स्पर्म डोनेशन के बारे में मैंने अखबार में एक रिपोर्ट पढ़ी थी।इससे पहले मैंने रक्तदान तो सुना था, लेकिन स्पर्म डोनेशन शब्द शायद पहली बार पढ़ा था।मेरी जिज्ञासा और बढ़ी और मैंने उस रिपोर्ट को पूरा पढ़ा, रिपोर्ट पढ़ी तो पता चला कि हमारे देश में ऐसे लाखों दंपती हैं जो स्पर्म की गुणवत्ता में कमी के कारण बच्चे पैदा नहीं कर पा रहे हैं और इसी वजह से स्पर्म डोनेशन का दायरा तेजी से बढ़ रहा है।मुझे ये पता चला कि दिल्ली के जिस इलाके में मैं रहता हूं, वहीं मेरे घर के पास स्पर्म डोनेशन सेंटर है।मेरे मन में ख्याल आया कि क्यों न जाकर देखा जाए। 

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उपेक्षा से आहत एक लड़की ने फंदा लगाया

मसला मेरे लुक का नहीं

मैं गोरा हूं, मेरी कद-काठी भी ठीक है और बास्केटबॉल खेलता हूँ मैंने जब स्पर्म कलेक्शन सेंटर जाकर स्पर्म देने का प्रस्ताव रखा तो वहाँ बैठे डॉक्टर मुझे देखकर मुस्कुराए, वो मेरी पर्सनैलिटी से ख़ुश दिखाई दिए और डॉक्टर की ये प्रतिक्रिया देखकर मैं थोड़ा असहज हो गया लेकिन यहां मसला केवल मेरे लुक का नहीं था मैं अपने स्पर्म बेच रहा था और इसके लिए मुझे ये साबित करना था कि बाहर से जितना मज़बूत हूं अंदर से भी उतना ही तंदुरुस्त होना चाहिए डॉक्टर ने मुझसे कहा कि तुम्हें कुछ जांचों से गुज़रना होगा मेरा ब्लड सैंपल लिया गया। इसके जरिए एचआईवी, डायबिटीज़ और कई तरह की बीमारियों की जांच की गई मैं सब पर खरा उतरा तो जांच के तीसरे दिन मुझे सुबह नौ बजे बुलाया गया।

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मेरे स्पर्म से कोई मां बन सकती - फोटो : social media

मेरे स्पर्म से कोई मां बन सकती
मुझसे एक फॉर्म भरवाया गया, जिसमें गोपनीयता की शर्तें दी गई थीं इसके बाद मुझे प्लास्टिक का एक छोटा सा कंटेनर दिया गया और वॉशरूम का रास्ता दिखा दिया गया अब ये सिलसिला चल पड़ा था. मैं अपना नाम लिखा प्लास्टिक का कंटेनर वॉशरूम में छोड़ता और पैसे लेकर निकल जाता मुझे ये ख्याल तसल्ली देता कि मेरे स्पर्म डोनेट करने से कोई मां बन सकती है मुझे ये भी बताया गया कि स्पर्म डोनेट करने में तीन दिन का समय होना चाहिए यानी पहले दिन डोनेट करने के बाद अगली बार कम से कम 72 घंटे बाद ही स्पर्म डोनेट किया जा सकता है लेकिन अगर ज़्यादा समय बीत जाता है तो स्पर्म डेड हो जाते हैं।

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खुद को ठगा सा महसूस कर रहा था' - फोटो : depression

खुद को ठगा सा महसूस कर रहा था'

कुछ महीने बाद मेरे मन में ये ख्याल आने लगे कि कि क्या मुझे इस काम के पैसे काफ़ी मिल रहे हैं 'विक्की डोनर' फिल्म में तो हीरो इस काम के जरिए अमीर होता जाता है और मुझे एक बार डोनेट करने के महज 400 रुपए मिल रहे थे मतलब हफ्ते में दो बार स्पर्म डोनेट किए तो 800 रुपए मिलते और महीने में 3200 रुपए।मैं ख़ुद को ठगा सा महसूस कर रहा था मैंने स्पर्म सेंटर जाकर फ़िल्म का हवाला दिया और पैसे कम देने पर नाराजगी जाहिर की लेकिन मेरा कद-काठी और गोरे रंग का गुमान उस समय चकनाचूर हो गया जब सेंटर में मुझे कंप्यूटर पर वो सारे मेल दिखाए गए, जहां लोग अपना स्पर्म बेचने के लिए लाइन में लगे हुए हैं खैर, मैंने भी ख़ुद को ये कहकर बहलाया कि मैं कोई आयुष्मान खुराना तो हूं नहीं, शायद इतने कम पैसे के कारण ही हम जैसे लोगों को डोनर कहा जाता है न कि सेलर।

 

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