दीप्ति अंगरीश
हम हमेशा यह जानने की इच्छा रखते हैं कि सामने वाले के दिल में क्या चल रहा है। सोशल मीडिया पर इसके कई तरीके भी बताए जाते हैं। इनको अपनाने के बाद जब मन-मुताबिक नतीजे नहीं आते तो मन दुखी हो जाता है और रिश्तों में गलतफहमियां होने लगती हैं।
सोशल मीडिया ने आपकी जिंदगी काफी हद तक आसान कर दी है। आप भी इसकी आदी हो चुकी हैं। जैसे-जैसे नई-नई तकनीक विकसित होती जा रही है, वैसे-वैसे यह आपका मनोरंजन भी कर रही है। आप ही बताएं, आप दिन भर सोशल मीडिया पर कितना व्यस्त रहती हैं?
आजकल कई महिलाओं को तो सोशल मीडिया पर रील्स देखे बिना नींद तक नहीं आती है। रील्स में जो दिखाया जाता है, उसे वे आंख बंद करके सच मान लेती हैं। इन्हीं रील्स और सोशल मीडिया पर आए दिन कुछ न कुछ चलता ही रहता है, जिनमें से एक है- ‘रिलेशनशिप टेस्ट’। इसमें कभी बर्ड टेस्ट तो कभी ‘नेम अ वूमेन’ या ‘हस्बैंड टेस्ट’ वायरल होते रहते हैं, जिनको हम मस्ती-मजाक में आजमाने भी लगते हैं। मगर कई बार यही टेस्ट रिश्तों पर गलत असल भी डालते हैं।
सोशल मीडिया सहित कई दूसरे मंचों पर भले ही आपको अपने रिश्ते में प्यार को मापने के कई पैमाने बताए जाएं, लेकिन इनको कभी दिल से न लगाएं। ये आपके रिश्तों को खराब कर सकते हैं या फिर रिश्तों की मिठास को कम कर सकते हैं। टेस्ट के परिणाम मनमाफिक हों, यह जरूरी तो नहीं! और जब ये परिणाम आपके पक्ष में नहीं आते तो आपको अंदर ही अंदर खोखला कर देते हैं। आप दोनों के बीच गलतफहमियां होने लगती हैं। इस कारण आपका रिश्ता देर-सवेर तार-तार होना शुरू हो जाता है।
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सोशल मीडिया का रिश्ते पर असर
- फोटो : pexel
टेस्ट का बढ़ता ट्रेंड
सोशल मीडिया का सबसे नकारात्मक प्रभाव आपके रिश्तों पर पड़ता है। यह बात आपने कई जगहों पर पढ़ी और सुनी होगी, लेकिन इसे जानने का प्रयास कभी नहीं किया होगा। इन दिनों सोशल मीडिया पर अजीबो-गरीब रिलेशनशिप टेस्ट छाए हुए हैं। इनमें से लोकप्रिय रिलेशनशिप टेस्ट हैं- इमेज टेस्ट, ऑरेंज पील टेस्ट, केचप टेस्ट आदि। इसके अलावा लोग रिलेशनशिप के लिए टैरो कार्ड रीडिंग, ऑरेकल कार्ड रीडिंग, एंजेल नंबर, कैंडल वैक्स रीडिंग, रूम्स रीडिंग, नंबर सिलेक्शन आदि को सोशल मीडिया पर सुनते हैं।
कमाल की बात यह है कि ये रिलेशनशिप टेस्ट और रीडिंग सब लोगों के लिए एक समान ही होते हैं। ऐसे में इन पर विश्वास करना कहां की समझदारी होगी? आप पढ़ी-लिखी हैं, समझदार हैं, अच्छा-बुरा सब समझती हैं, फिर क्यों इन टेस्ट या रीडिंग्स में उलझकर अपने रिश्तों को खराब करती हैं?
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खतरनाक भी है
सोशल मीडिया महज नाम से ही सोशल है। इसे वास्तविक रिश्तों से कभी मत तौलिए। सोशल मीडिया के भीतर सुख-दुख, क्रोध, अपमान, निराशा का एक वृहद संसार भी रचा जाता है। आप वहां जो देखती हैं, वो आपको वही दिखाने लगता है। आप दुखी हैं तो आपको केवल दुख भरा कंटेंट ही दिखाता है, जिससे आप जुड़ा हुआ महसूस करती हैं। इस कारण आप नकारात्मक भी होती जाती हैं।
समय के साथ चलना और बदलाव अवश्य ही बुद्धिमत्ता का परिचायक है, पर इसके विकराल होते जा रहे भ्रमजाल और मोहपाश में जकड़ते जाने के कारण हमारी संस्कृति-सभ्यता के मानदंडों, पारिवारिक, सामाजिक प्रतिष्ठा और नैतिक मूल्यों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में किसी भी तरह का गेम या टेस्ट आपके प्यार की गहराई को नहीं बता सकता। यी केवल आप जानती हैं और आपका साथी जानता है कि आपके लिए वह कितने जरूरी हैं या आप उनके लिए कितनी जरूरी हैं।
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सोशल मीडिया का रिश्ते पर असर
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जरूरी है सतर्कता
सोशल मीडिया आज ज्यादातर लोगों के जीवन का हिस्सा-सा बन गई है। यदि आपको इस परीक्षण से पता चलता है कि आपके रिश्ते को कुछ काम की आवश्यकता है तो मदद मांगने में संकोच न करें और रिश्ते में सुधार लाने का प्रयास करें। कई बार नकारात्मक परिणाम मिलते ही आप साथी से लड़ना शुरू कर देती हैं। बस, यहीं से रिश्तों में दरार आना शुरू हो जाती है, जबकि आप इस रिलेशनशिप टेस्ट का सकारात्मक रूप देखें तो यह आपके रिश्ते में परामर्शदाता के रूप में भी सामने आता है और आपको यह बताता है कि जोड़े के रूप में आपको अपने रिश्ते में क्या सुधार करने की जरूरत है। इसलिए उनसे लड़ाई-झगड़ा न करें। टेस्ट को गंभीरता से लेने से अच्छा है कि आप उनसे बात करें। अगर कोई परेशानी है तो मिलकर उसका समाधान निकालें।
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समर्पण और टेस्ट में अंतर
आपका रिश्ता कुछ महीनों, साल, दो साल या बहुत सालों का है। ऐसे में रिश्ते की जड़ें कितनी गहरी हैं, यह कोई टेस्ट नहीं बता सकता है। अगर आप अपनी मर्जी से इन टेस्ट को आजमाती हैं तो इसके सकारात्मक और नकारात्मक, दोनों तरह के परिणामों के लिए तैयार रहें। फिर चाहे परिणाम कुछ भी हो, इसका असर आपके रिश्ते पर नहीं पड़ना चाहिए। वहीं जितना हो सके, इन फिजूल के टेस्ट, रीडिंग के चक्करों में न पड़ें। याद रखें कि जो आपका है, वह आपका ही रहेगा। एक स्वस्थ रिश्ते में सबसे ज्यादा जरूरी है बातचीत, आपसी सम्मान और प्यार को बनाए रखना। याद रखें, आपके प्यार को जताने के लिए आपको किसी रिलेशनशिप टेस्ट की जरूरत नहीं है। बस जरूरत है, रिश्तों को पनपने के लिए समर्पण की भावना रखने की।