Parenting Tips: बच्चों की पहली शिक्षा घर से ही शुरू होती है। जो बच्चा घर पर देखता है वही सीखता है। माता-पिता बच्चे को अनुशासित रखने के लिए उसे संस्कार देते हैं और अच्छी बातें सिखाने की प्रयास करते हैं। हालांकि बच्चे सुनने से ज्यादा देखकर चीजों को अधिक सीखते हैं। माता पिता अपने बच्चे को अच्छे संस्कार और जीवन मूल्य सिखाना चाहते हैं लेकिन कई बार आपकी सिखाई बातों पर बच्चा पलटकर सवाल कर बैठता है कि क्या आप खुद उन मूल्यों को अपनाते हैं? या जो बातें आप बच्चे को सिखा रहे हैं, क्या आप खुद ऐसा करते हैं? बच्चों के पलटकर सवाल पूछने पर कुछ अभिभावक नाराज हो सकते हैं तो कुछ उनके सवालों पर चुप्पी साध लेते हैं। लेकिन बच्चा अपने सवाल का जवाब न मिलने पर संतुष्ट नहीं होते और आसानी से आपके सिखाए जीवन मूल्यों को नहीं अपनाते। अभिभावकों को बच्चों के सवालों का सम्मान करना चाहिए और अच्छे श्रोता की तरह उनकी बातों को सुनना व समझना चाहिए। इससे घर का वातावरण सकारात्मक होता है और बच्चा संस्कारी बनता है। आइए जानते हैं कि माता पिता को बच्चे को अच्छे संस्कार देने के लिए अपने जीवन में क्या बदलाव लाने की जरूरत है।
Parenting Tips: बच्चा पलटकर करे सवाल तो खुद में लाएं ये बदलाव, संस्कार देना हो जाएगा आसान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोन का इस्तेमाल कम करें
अगर माता पिता खुद दिनभर फोन पर लगी रहती हैं या गाॅसिप व चैटिंग करते रहते हैं तो बच्चा भी आपको देखकर यही सीखता है। ऐसे में जब आप बच्चे को मोबाइल का उपयोग करने से मना करते हैं या पढ़ाई पर ध्यान देने को कहते हैं तो वह पलटकर आपसे सवाल कर सकता है कि आप भी तो फोन का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए बच्चे को खेल-कूद में लगाएं। उनके साथ टहलने जाएं और उनके साथ कुछ एक्टिविटी में शामिल होने के लिए वक्त निकालें।
बच्चे के दोस्त बनें
बच्चे घर से बाहर निकलते हैं तो उनके नए दोस्त बनते हैं। वह बाहर से बहुत सारी बातें सीखते हैं, जो अच्छी या खराब दोनों तरह की हो सकती हैं। बच्चा बड़ा होने लगता है तो माता पिता से बातें छुपाने लगता है। लेकिन अगर आप चाहते हैं कि बच्चा आपसे कोई भी बात न छिपाए तो उसके साथ दोस्त की तरह पेश आएं।
खुद भी सीखें
बच्चे को किसी किताब को पढ़ने के लिए प्रेरित करने के लिए खुद भी किताब पढ़ें। जब आप खुद अपने हाथों में गैजेट्स के बदले किताब लेंगे तो बच्चा भी वैसा ही करेगा। आप बच्चे को वह काम करके दिखाएं जो आप उसे सिखाना चाहते हैं।
सम्मान करें
अगर आप चाहते हैं कि बच्चा विनम्र बनें और दूसरों का सम्मान करना सीखे तो पहले आप बच्चे को सम्मान देना शुरू करें। उनसे स्नेह और विनम्रता से बात करें। बच्चा आपको देखकर खुद भी इस आदत को जीवन में शामिल करता है और सम्मान करना सीखता है।