फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Parenting Tips: झाग में छिपा है खतरा! जानिए बच्चों को बबल बाथ देने के नुकसान

Tue, 15 Jul 2025 08:00 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवानी अवस्थी Updated Tue, 15 Jul 2025 08:00 PM IST
सार

Bubble Bath: बबल बाथ बच्चों के लिए मजेदार और आकर्षक होता है। इसके झाग और बुलबुलों से खेलते हुए वे आसानी से नहा लेते हैं। लेकिन विशेषज्ञ इसे सुरक्षित नहीं मानते हैं।

विज्ञापन
Parenting Tips Is Bubble Bath Safe For Kids Know Disease cause by bubble bath
बबल बाथ क्या है और इसके नुकसान - फोटो : Freepik

दीपिका शर्मा



छोटे बच्चों को नहलाना अक्सर मां के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होता है, खासकर तब, जब वे पानी को देखते ही रोते हों। ऐसे में हो सकता है कि आप नहाने को मजेदार बनाने के लिए उन्हें बबल बाथ देती हों। बबल बाथ में मौजूद झाग बच्चों को आकर्षित करते हैं, जिससे वे खेल-खेल में बिना रोए नहा लेते हैं और उनके मन में नहाने को लेकर सकारात्मक भावना भी पैदा होती है। लेकिन कई शोध बताते हैं कि यह उनके लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।

एक मजेदार तरीका

बबल बाथ एक आरामदायक और सुखद स्नान विधि है, जिसमें गुनगुने पानी से भरे टब में विशेष बबल बाथ लिक्विड या साबुन मिलाया जाता है। इससे पानी में झाग या बुलबुले बनते हैं। वहीं कुछ सुगंधित एसेंशियल ऑयल्स, फूलों की पंखुड़ियां और बेबी डक जैसे खिलौनों को रख इसे बच्चों के लिए आकर्षक बनाया जाता है। लेकिन जानकार कहते हैं, कि इसके कई नुकसान भी हैं।

Parenting Tips Is Bubble Bath Safe For Kids Know Disease cause by bubble bath
संवेदनशील त्वचा - फोटो : Freepik

संवेदनशील त्वचा

छोटे बच्चों की त्वचा बहुत नाजुक और संवेदनशील होती है, इसलिए उनकी स्किन टाइप को समझना बेहद जरूरी है। यदि उनकी त्वचा के अनुरूप उत्पादों का चयन न किया जाए तो बबल बाथ के बाद उन्हें जलन, खुजली, सूजन और लाल चकत्ते जैसी समस्याएं हो सकती हैं। खासकर ऐसे प्रोडक्ट, जिनमें आर्टिफिशियल खुशबू, रंग या केमिकल होते हैं, वे बच्चों की त्वचा को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

Parenting Tips Is Bubble Bath Safe For Kids Know Disease cause by bubble bath
आंखों का संक्रमण - फोटो : Freepik.com

आंखों का संक्रमण

बबल बाथ के दौरान बच्चे पानी में खूब मस्ती करते हैं। ऐसे में यदि झाग युक्त पानी उनकी आंखों में चला जाए तो इससे उन्हें आंख में जलन, लालिमा, खुजली और अन्य परेशानियां हो सकती हैं, जो उनके मन में नहाने के प्रति डर पैदा कर सकती हैं। इसलिए बच्चों को नहलाने के लिए हमेशा सुरक्षित और टियर-फ्री उत्पादों का चयन किया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
Parenting Tips Is Bubble Bath Safe For Kids Know Disease cause by bubble bath
यूटीआई - फोटो : Adobe Stock

यूटीआई (मूत्र संक्रमण)

बबल बाथ के बाद यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) का खतरा विशेष रूप से बच्चियों में बढ़ जाता है, क्योंकि उनकी यूरीनरी ट्रैक्ट अधिक संवेदनशील होती है। केमिकल युक्त झागदार पानी यदि निजी अंगों के संपर्क में आता है तो इससे संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए आपको छोटी बच्चियों को बबल बाथ देने से बचना चाहिए।

विज्ञापन
Parenting Tips Is Bubble Bath Safe For Kids Know Disease cause by bubble bath
सुरक्षित विकल्प खोजें - फोटो : Adobe stock

सुरक्षित विकल्प खोजें

बबल बाथ की जगह बच्चों के लिए नहाने को मजेदार और सुरक्षित बनाने के लिए आप रंग बदलने वाले बाथ बम्स (जो केमिकल-फ्री हों), वाटर-सेफ खिलौने, रबर डक्स, स्प्लैश मैट्स और नहाने वाले पजल्स का उपयोग कर सकती हैं। बच्चों को उनके पसंदीदा कार्टून कैरेक्टर वाले मग या साबुन से नहाना भी आकर्षित करता है। साथ ही नहाने के दौरान कहानी सुनाना या कोई गीत गाना बच्चों को व्यस्त रखता है। ये उपाय बच्चों के नहाने को मजेदार बना सकते हैं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed