Relationship Tips For Married Couples : भारत में शादी को एक पवित्र बंधन माना जाता है, जो जन्मों-जन्मों का संबंध बन जाता है। लेकिन आज के दौर में शादियां टूटने के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। शादी के शुरुआती वर्षों में कपल के बीच समस्याएं होना सामान्य हो सकता है क्योंकि वह एक दूसरे को समझने और इस रिश्ते को संभालने के दौर में होते हैं लेकिन अब जो मामले आ रहे हैं उसमें शादी के वर्षों बाद कपल अपना रिश्ता खत्म करने लगे हैं। हाल ही में बैडमिंटन स्टार प्लेयर साइना नेहवाल ने अपने बचपन के दोस्त और साथी खिलाड़ी रहे पी कश्यप से शादी के सात साल बाद तलाक ले लिया। इसके पहले स्टार टेनिस खिलाड़ी सानिया मिर्जा ने पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब मलिक से शादी के 14 साल बाद तलाक ले लिया। एक्टर आमिर खान और किरण राव का भी 16 साल की शादी के बाद तलाक हो गया था।
Divorce Reasons: 10 वर्ष बाद भी क्यों टूटती है शादी? जानिए सात चौंकाने वाली वजहें
Relationship Tips For Married Couples : सवाल है कि शादी के इतने साल साथ रहने के बाद रिश्ता टूटने की कगार पर कैसे और क्यों आ जाता है? भारत में कई कपल 8 से 12 साल के वैवाहिक जीवन के बाद तलाक का निर्णय लेते हैं। यह वो समय होता है जब बाहर से सब कुछ 'स्थिर' लगता है, लेकिन अंदर ही अंदर रिश्तों में कुछ दरारें पड़ चुकी होती हैं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शादी के 10 साल बाद तलाक की मुख्य वजहें
भावनात्मक दूरी
समय के साथ कपल्स के बीच बातचीत कम होने लगती है। उनके बीच 'हम' का भाव खो जाता है और मैं व तुम जगह ले लेता है। वह एक-दूसरे की जरूरतों को समझना कम कर देते हैं। यह वो दौर होता है जब उनका रिश्ता 'ऑटो पायलट' मोड पर चलने लगता है।
इन्टिमेसी की कमी
शुरुआती वर्षों में जो रोमांस और शारीरिक आकर्षण होता है, वो समय के साथ कम हो सकता है। यदि इस पर खुलकर बात न हो तो ये दूरी गहरी हो जाती है। रोमांस की कमी रिश्ते में बोरियत और दूरी लाती है।
प्राथमिकताएं बदलना
शादी के शुरुआती दिनों में कपल एक दूसरे के बारे में सोचते हैं। अपनी जीवनशैली और करियर को एक दूसरे के अनुसार ढालने की कोशिश करते हैं। लेकिन शादी के कुछ वर्ष बीतने पर कई बार पति-पत्नी की प्राथमिकताएं बदल जाती हैं। कोई करियर में आगे बढ़ना चाहता है तो कोई परिवार को प्राथमिकता देता है। इस असंतुलन से मनमुटाव हो सकता है।
जिम्मेदारियों का दबाव
शादी के शुरुआती वर्षों में कपल पर न तो बहुत अधिक जिम्मेदारियां होती हैं और न उन्हें पूरा करने का दबाव ही अधिक होता है। 10 साल बाद बच्चों, बुजुर्गों और वित्तीय जिम्मेदारियों का दबाव बढ़ता है। जब एक पार्टनर खुद को अकेला महसूस करता है, तो रिश्ते में खटास आना तय है।
पुराने झगड़ों का बोझ
कुछ कपल्स अपने पुराने झगड़े और समस्याओं को भुला नहीं पाते। वो अंदर ही अंदर कुंठा पालते रहते हैं, जो समय के साथ रिश्ता खत्म कर देती है।
बोरियत और दोहराव
शादी के कुछ वर्षों बाद हर दिन एक जैसा लगने लगता है। न कोई रोमांच, न कोई नई बात रिश्ते में बोरियत का भाव लाती है। कपल्स जब साथ रहते हुए भी अलग महसूस करने लगें, तो रिश्ते की नींव हिल जाती है।
स्वस्थ संवाद की कमी
जब पति-पत्नी खुलकर बात नहीं कर पाते तो गलतफहमियां बढ़ती हैं। ये छोटी छोटी बातें आगे चलकर तलाक का कारण बन जाती हैं।
रिश्ता बचाने के उपाय
शादी का शुरुआती एक साल हो या 10वां साल, एक नियम हर कपल को अपनाना चाहिए, वह है नियमित रूप से एक दूसरे के साथ अकेले कुछ वक्त बिताना। इसके लिए आप महीने में एक रोमांटिक डिनर डेट, साल में एक ट्रिप, व्यस्त जीवनशैली के बीच भी पार्टनर के लिए वक्त निकालने जैसे काम करके रिश्ते में अपनापन और रोमांस को बरकरार रख सकते हैं।
शारीरिक और भावनात्मक दोनों जुड़ाव कपल के बीच जरूरी है। इसे बनाए रखें। जब भी पार्टनर को आपकी जरूरत हो, उनका साथ दें। उन्हें समझने की कोशिश करें।
छोटी-मोटी बात हो जाए या कोई बड़ा विवाद हो जाए, हर बात को समझने और सुलझाने की कोशिश करें ताकि यही बातें आगे चलकर बड़े विवाद का रूप न लें।
अगर आपको महसूस हो, कि आपके रिश्ते में कुछ ठीक नहीं चल रहा है या पहले जैसी बात नहीं रह गई है तो कपल काउंसलिंग जरूर लेें। ये आपके बीच के रिश्ते को सुधारने का एक मौका हो सकता है।