Relationship Tips: पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने देशभर को झकझोर कर रख दिया है। इस आतंकी हमले में 26 लोग तो मारे ही गए हैं, साथ ही में इस हमले से देशभर के लोगों के दिलों को मानसिक आघात पहुंचा है। लोग मृतकों के बिलखते परिवारजनों की फोटोज और वीडियोज देखकर परेशान हो रहे हैं और अपने आंसुओं को रोक नहीं पा रहे।
{"_id":"680c6b929ee12bd028099cda","slug":"pahalgam-terror-attack-tips-to-overcome-from-trauma-of-losing-loved-ones-in-hindi-2025-04-26","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Relationship Tips: सालों तक नहीं भरता अपनों को खोने का घाव, इन तरीकों से मिल सकती है दुख से थोड़ी राहत","category":{"title":"Relationship","title_hn":"रिलेशनशिप","slug":"relationship"}}
Relationship Tips: सालों तक नहीं भरता अपनों को खोने का घाव, इन तरीकों से मिल सकती है दुख से थोड़ी राहत
Sat, 26 Apr 2025 11:22 AM IST
श्रुति गौड़
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Sat, 26 Apr 2025 11:22 AM IST
सार
पहलगाम हमले में जिन लोगों ने भी अपने अपनों को खोया है, वो सालों तक 22 अप्रैल की तारीख को भूल नहीं पाएंगे। बस कुछ तरीकों को अपनाकर वो अपने दुख से राहत पा सकते हैं।
विज्ञापन
इन तरीकों से मिल सकती है दुख से थोड़ी राहत
- फोटो : Adobe stock
अपनी भावनाएं व्यक्त करें
- फोटो : Adobe Stock
अपनी भावनाएं व्यक्त करें
किसी को खोने के बाद अपनी भावनाओं को कभी मन में न दबाएं। ऐसा करने से आपको कुछ ही दिन में घुटन सी महसूस होने लगेगी। अपने दोस्तों, परिवारवालों और अन्य करीबियों से बातचीत करें। उन्हें बताएं कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं। अगर रोने का मन है तो रोएं। इस कठिन समय में कभी भी अपने मन की बातों को मन में न रखें।
किसी को खोने के बाद अपनी भावनाओं को कभी मन में न दबाएं। ऐसा करने से आपको कुछ ही दिन में घुटन सी महसूस होने लगेगी। अपने दोस्तों, परिवारवालों और अन्य करीबियों से बातचीत करें। उन्हें बताएं कि आप कैसा महसूस कर रहे हैं। अगर रोने का मन है तो रोएं। इस कठिन समय में कभी भी अपने मन की बातों को मन में न रखें।
खुद को समझें
- फोटो : Freepik.com
खुद को समझें
ये बिल्कुल नहीं सोचें कि लोग इस वक्त आपके बारे में क्या सोचेंगे। वो करें जो आपको अच्छा लगता हो। लोगों के प्रेशर में आकर कुछ भी कदम न उठाएं। यदि कुछ दिन अकेले रहकर खुद को हील करना अच्छा लगे तो वो करें। बहुत से लोगों को अकेले मेडिटेशन करके खुशी मिलती है। ऐसे में अन्य लोगों को उनकी सहायता करनी चाहिए, न कि उन्हें और परेशान करना चाहिए।
ये बिल्कुल नहीं सोचें कि लोग इस वक्त आपके बारे में क्या सोचेंगे। वो करें जो आपको अच्छा लगता हो। लोगों के प्रेशर में आकर कुछ भी कदम न उठाएं। यदि कुछ दिन अकेले रहकर खुद को हील करना अच्छा लगे तो वो करें। बहुत से लोगों को अकेले मेडिटेशन करके खुशी मिलती है। ऐसे में अन्य लोगों को उनकी सहायता करनी चाहिए, न कि उन्हें और परेशान करना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
खुद को व्यस्त रखें
- फोटो : Freepik.com
खुद को व्यस्त रखें
किसी अपने को खोने के बाद खुद को जितना हो सके व्यस्त रखे। यदि आप उन्हीं यादों में खोए रहेंगे या पुरानी बातें सोचते रहेंगे तो हो सकता है कि आपको इस दुख से उबरने में और भी ज्यादा समय लगे। तो यदि आप जॉब करते हैं तो अपने काम पर वापस जाएं।
किसी अपने को खोने के बाद खुद को जितना हो सके व्यस्त रखे। यदि आप उन्हीं यादों में खोए रहेंगे या पुरानी बातें सोचते रहेंगे तो हो सकता है कि आपको इस दुख से उबरने में और भी ज्यादा समय लगे। तो यदि आप जॉब करते हैं तो अपने काम पर वापस जाएं।
विज्ञापन
शारीरिक गतिविधियों का रखें ध्यान
- फोटो : Freepik
शारीरिक गतिविधियों का रखें ध्यान
इस वक्त खुद को न सिर्फ मानसिक रूप से बल्कि शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रखने की जरूरत है। इसके लिए योग करें, मेडिटेशन करें। चाहें तो योगा क्लास ज्वॉइन कर सकते हैं। योग और मेडिटेशन से आंतरिक शांति मिलती है। अपने खान-पान का भी खास ध्यान रखें, ताकि आपका स्वास्थ्य न बिगड़े।
इस वक्त खुद को न सिर्फ मानसिक रूप से बल्कि शारीरिक रूप से भी स्वस्थ रखने की जरूरत है। इसके लिए योग करें, मेडिटेशन करें। चाहें तो योगा क्लास ज्वॉइन कर सकते हैं। योग और मेडिटेशन से आंतरिक शांति मिलती है। अपने खान-पान का भी खास ध्यान रखें, ताकि आपका स्वास्थ्य न बिगड़े।