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Parenting Tips: बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है बैड टच और गुड टच के बारे जानना, इन टिप्स से समझाएं फर्क

Mon, 17 Feb 2025 09:55 AM IST
दीक्षा पाठक लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीक्षा पाठक Updated Mon, 17 Feb 2025 09:55 AM IST
सार

Tips for Teaching Kids: बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराध के कारण बच्चों को सुरक्षा सिखाना जरूरी है। जो बच्चे गुड टच और बैड टच के बीच अंतर करने में सक्षम हैं, वे अपने माता-पिता को उनके साथ अनुभव किए जा रहे किसी भी गलत व्यवहार के बारे में बता सकते हैं।

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It is important to know about bad touch and good touch of children explain the difference with these tips
गुड टच और बैड टच में कैसे करें अंतर - फोटो : इंस्टाग्राम

आधुनिक माता-पिता अपने बच्चों के साथ असहज विषयों पर चर्चा करने से नहीं कतराते, क्योंकि वे जानते हैं कि छोटे बच्चों को सही ज्ञान देना महत्वपूर्ण है ताकि उन्हें नुकसान से सुरक्षित रखने में मदद मिल सके। बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराध के कारण बच्चों को सुरक्षा सिखाना जरूरी है। जो बच्चे गुड टच और बैड टच के बीच अंतर करने में सक्षम हैं, वे अपने माता-पिता को उनके साथ अनुभव किए जा रहे किसी भी गलत व्यवहार के बारे में बता सकते हैं। आज की इस खबर में हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप अपने बच्चों को गुड टच और बैड के बारे में कैसे समझा सकते हैं और उन्हें सुरक्षित रहने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं।

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पेरेंटिंग टिप्स - फोटो : Adobe

क्या है गुड टच?

किसी भी व्यक्ति के साथ कोई भी शारीरिक संपर्क जो सहमति से होता है और प्यार और देखभाल की तरह लगता है। वह गुड टच यानी कि अच्छा स्पर्श है। सिर या पीठ पर थपकी, गले लगाना जो मजबूरी या दबाव महसूस न कराए, अच्छा स्पर्श है। इस तरह का टच बच्चे को सुरक्षित महसूस कराता है।

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Parenting Tips - फोटो : iStock

क्या है बैड टच?

कोई भी शारीरिक संपर्क जो सहमति के बिना होता है बुरा स्पर्श यानी कि बैड टच कहलाता है। यह सुरक्षित महसूस नहीं कराता है और शारीरिक दर्द भी पैदा कर सकता है। यह बच्चे को असहज महसूस कराने लगता है। निजी शरीर के अंगों को दबाना या छूना या असहज रूप से करीब होना बुरा स्पर्श कहलाता है।

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Parenting Tips - फोटो : Pexel

बच्चों को गुड और बैड टच में कैसे बताएं अंतर?

बच्चे मासूम होते हैं और उन्हें अपने बड़ों के निर्देशों का पालन करना सिखाया जाता है। वे उचित और अनुचित स्पर्श के बीच अंतर नहीं कर सकते हैं और दूसरों द्वारा आसानी से धोखा भी खा सकते हैं। बच्चों को कम उम्र से ही यह सिखाना जरूरी है कि हर किसी की एक शारीरिक सीमा होती है, जिसे बिना सहमति के पार नहीं किया जाना चाहिए। उन्हें यह जानने की जरूरत है कि उनकी मां या कुछ खास देखभाल करने वालों के अलावा किसी को भी उनके निजी अंगों को देखने या छूने की अनुमति नहीं है।

जब बच्चों को यह जानकारी दी जाती है, तो वे समझ जाते हैं कि कोई उनके साथ छेड़छाड़ या दुर्व्यवहार करने की कोशिश कर रहा है। वे गलत व्यवहार को पहचान लेंगे और अपने माता-पिता को इसकी सूचना देंगे। लेकिन अगर उन्हें इसके बारे में नहीं सिखाया जाता है, तो उन्हें धोखा देकर अधीनता में लाया जा सकता है और वे डर या शर्म के कारण अपने साथ हो रही घटनाओं के बारे में नहीं बता सकते हैं।

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Parenting Tips - फोटो : istock

इन तरीकों से समझाएं
बच्चे खेल-खेल में सबसे बेहतर सीखते हैं। इसलिए यहां कुछ गतिविधियां दी गई हैं जिन्हें आप बच्चों के साथ कर सकते हैं ताकि उन्हें अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श के बीच का अंतर सिखाया जा सके। आइए जानते हैं।

1. स्विमसूट गेम
बच्चों को तैराकी के लिए ले जाएं और पूल में कूदने से ठीक पहले उन्हें बताएं कि उनके स्विमसूट से ढके सभी अंग निजी हैं। किसी को भी उन्हें देखने या छूने की अनुमति नहीं है।

2. नहीं, रुको!
बच्चों से कहें कि वे साथ में चिल्लाएं कि नहीं, रुको। फिर, उन्हें जोर से चिल्लाने के लिए कहें। और अब, एक बार फिर, उन्हें अपनी पूरी आवाज में चिल्लाने के लिए कहें। अब उन्हें बताएं कि अगर कोई उन्हें अनुचित तरीके से छूता है या कुछ ऐसा करता है जो उन्हें पसंद नहीं है, तो उन्हें चिल्लाने और उन्हें रोकने के लिए कहने की आजादी है।

3. बाउंड्री गेम
बच्चों को अपने पैरों को जोड़कर खड़े होने के लिए कहें और फर्श पर चॉक से एक छोटा सा घेरा बनाएं। अब उन्हें बताएं कि यह उनकी शारीरिक सीमा है और उनकी सहमति के बिना किसी को भी इसके अंदर जाने की अनुमति नहीं है।

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