{"_id":"5985bebb4f1c1b354d8b4595","slug":"do-you-know-why-people-are-saying-boys-and-girls-will-never-become-best-friends","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Friendship Day Spl: तो इसलिए एक लड़का-लड़की अच्छे दोस्त नहीं हो सकते!","category":{"title":"Relationship","title_hn":"रिलेशनशिप","slug":"relationship"}}
Friendship Day Spl: तो इसलिए एक लड़का-लड़की अच्छे दोस्त नहीं हो सकते!
amarujala.com- Presented by :शिप्रा सक्सेना
Updated Sun, 06 Aug 2017 08:40 AM IST
विज्ञापन
रिलेशनशिप
दोस्ती का नाम लेते ही दिमाग का पहिया इतनी तेजी से घूमता है कि मानों फिल्मों के सारे डॉयलाग अपने आप जुबां पे आ जाते हैं। लेकिन जब भी बात एक लड़का और लड़की की दोस्ती पर आती है तो आपने लोगों के मुंह से कई बार कहते हुए सुना होगा और वो ये कि 'एक लड़का और लड़की कभी भी दोस्त नहीं हो सकते'। हर किसी की लाइफ में कुछ दोस्त ऐसे होते है जिन्हें वो अपने आखिरी दम तक छोड़ना नहीं चाहता लेकिन अगर आप उनसे दोस्ती का मतलब पूछ लेंगे तो शायदी उनकी जुंबा पे वक्त वहीं थम जाएगा क्योंकि वो कहते हैं ना..'दोस्ती की कोई सीमा नहीं होती'।
रिलेशनशिप
समाज में व्याप्त धारणा
भले ही हम लोग 21वीं सदी में जी रहे हों लेकिन समाज का नजरिया आज भी लड़के और लड़की की दोस्ती को लेकर वही है या यूं कहें कि वो बदलना ही नहीं चाहते। एक साथ हंसना बोलना, साथ आना और जाना ये देखकर अक्सर लोग कहते हैं कि 'वो दोस्त नहीं बल्कि उनकी दोस्ती में कुछ काला है' और उनकी यही सोच उनकी दोस्ती को रिश्ते में बंधने को मजबूर कर देती है।
पढ़ें- अगर ये तरीके अपनाएंगे तो हर सुबह आपकी सांसें आपसे कहेंगी..शुक्रिया जनाब
भले ही हम लोग 21वीं सदी में जी रहे हों लेकिन समाज का नजरिया आज भी लड़के और लड़की की दोस्ती को लेकर वही है या यूं कहें कि वो बदलना ही नहीं चाहते। एक साथ हंसना बोलना, साथ आना और जाना ये देखकर अक्सर लोग कहते हैं कि 'वो दोस्त नहीं बल्कि उनकी दोस्ती में कुछ काला है' और उनकी यही सोच उनकी दोस्ती को रिश्ते में बंधने को मजबूर कर देती है।
पढ़ें- अगर ये तरीके अपनाएंगे तो हर सुबह आपकी सांसें आपसे कहेंगी..शुक्रिया जनाब
रिलेशनशिप
फिल्मों की दोस्ती और फिर Happy married life
'प्यार दोस्ती है'..फिल्म 'कुछ कुछ होता है' का ये डॉयलाग तो आपने कई बार सुना ही होगा। बॉलीवुड में कई सारी फिल्में आईं और गई। लेकिन ज्यादातर फिल्मों में एक बात जो कॉमन थीं वो ये कि फिल्म की शुरुआत तो friendship से होती है लेकिन आखिर तक फिल्म का end शादी पर ही होता है। जिसने लोगों के दिमाग पर ऐसा गहरा असर डाला है कि लोग दोस्ती को प्यार के तराजू में तौलना नहीं भूलते।
'प्यार दोस्ती है'..फिल्म 'कुछ कुछ होता है' का ये डॉयलाग तो आपने कई बार सुना ही होगा। बॉलीवुड में कई सारी फिल्में आईं और गई। लेकिन ज्यादातर फिल्मों में एक बात जो कॉमन थीं वो ये कि फिल्म की शुरुआत तो friendship से होती है लेकिन आखिर तक फिल्म का end शादी पर ही होता है। जिसने लोगों के दिमाग पर ऐसा गहरा असर डाला है कि लोग दोस्ती को प्यार के तराजू में तौलना नहीं भूलते।
विज्ञापन
विज्ञापन
रिलेशनशिप
Comments को एक समय बाद seriously ले लेना
कॉलेज हो या फिर ऑफिस जब भी लड़का और लड़की एक साथ ज्यादा time spent करते हुए दिखाई देते हैं तो उन्हें अक्सर अपने कलीग या फिर friends के कमेंट का सामना पड़ता है। जिसे शुरुआती समय में तो दोनों ignore करते हैं लेकिन धीरे-धीरे यही कमेंट उनके दिल में प्यार की बत्ती जला देते हैं।
कॉलेज हो या फिर ऑफिस जब भी लड़का और लड़की एक साथ ज्यादा time spent करते हुए दिखाई देते हैं तो उन्हें अक्सर अपने कलीग या फिर friends के कमेंट का सामना पड़ता है। जिसे शुरुआती समय में तो दोनों ignore करते हैं लेकिन धीरे-धीरे यही कमेंट उनके दिल में प्यार की बत्ती जला देते हैं।
विज्ञापन
रिलेशनशिप
घर पर दोस्त का आना जाना
दोस्तों का एक दूजे के घर आना जाना और परिवार के साथ अच्छी bounding होना कभी-कभी दोस्ती पर भारी पड़ जाता है। शादी के लिए लड़का और लड़की दोनों के लिए पार्टनर ढूढना या यूं कहें कि अपने बच्चे की शादी के लिए उसका लाइफ पार्टनर ढूढने की जद्दोहद में parents अक्सर आपके ही दोस्त में आपका लाइफ पार्टनर ढूढने लगते हैं। जिस वजह से दोस्ती का रिश्ते को लोग ये कहकर शादी में तब्दील करने की बात करते हैं 'अच्छा तो है इसमें बुराई क्या है'।
दोस्तों का एक दूजे के घर आना जाना और परिवार के साथ अच्छी bounding होना कभी-कभी दोस्ती पर भारी पड़ जाता है। शादी के लिए लड़का और लड़की दोनों के लिए पार्टनर ढूढना या यूं कहें कि अपने बच्चे की शादी के लिए उसका लाइफ पार्टनर ढूढने की जद्दोहद में parents अक्सर आपके ही दोस्त में आपका लाइफ पार्टनर ढूढने लगते हैं। जिस वजह से दोस्ती का रिश्ते को लोग ये कहकर शादी में तब्दील करने की बात करते हैं 'अच्छा तो है इसमें बुराई क्या है'।