Parenting Tips: अगर आपका बच्चा भी अक्सर आपके साथ देर रात तक जागता है, तो ये उसकी सेहत और पढ़ाई दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है। बच्चों की अच्छी नींद उनके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद जरूरी है। लेकिन कई बार इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, टीवी, मोबाइल या आदतों की वजह से बच्चे देर तक जागते रहते हैं। इसके चलते उनका ध्यान स्कूल और पढ़ाई पर कम हो सकता है और उनका स्वास्थ्य भी प्रभावित होता है।
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Parenting Tips: बच्चे देर तक जागते हैं? इन 4 टिप्स से सुधारें उनकी सोने की आदत
Sun, 09 Nov 2025 12:32 PM IST
श्रुति गौड़
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्रुति गौड़
Updated Sun, 09 Nov 2025 12:32 PM IST
सार
Parenting Tips: अगर आपका बच्चा भी आपके साथ देर रात तक जगता है, तो उसकी आदत अभी से सुधारें। कुछ टिप्स अपनाकर आप उनके सोने की आदत में सुधार ला सकते हैं।
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बच्चे को है देर से सोने का आदत तो अभी से करें सुधार
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सोने से पहले बनाएं रूटीन
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1. सोने से पहले बनाएं रूटीन
बच्चों को नियमित सोने की आदत डालने के लिए सोने से पहले एक स्थिर रूटीन बनाना बेहद जरूरी है। इसमें हल्की किताबें पढ़ना, कहानी सुनना या कुछ मिनट आराम करना शामिल हो सकता है। रूटीन से बच्चा मानसिक और शारीरिक रूप से रिलैक्स होता है और उसके शरीर को संकेत मिलता है कि अब सोने का समय है।
बच्चों को नियमित सोने की आदत डालने के लिए सोने से पहले एक स्थिर रूटीन बनाना बेहद जरूरी है। इसमें हल्की किताबें पढ़ना, कहानी सुनना या कुछ मिनट आराम करना शामिल हो सकता है। रूटीन से बच्चा मानसिक और शारीरिक रूप से रिलैक्स होता है और उसके शरीर को संकेत मिलता है कि अब सोने का समय है।
आरामदायक वातावरण बनाएं
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2. आरामदायक वातावरण बनाएं
बच्चे के कमरे का माहौल नींद के लिए आरामदायक होना चाहिए। कमरे का तापमान न ज्यादा ठंडा हो और न ज्यादा गर्म। रोशनी हल्की हो और शोर-शराबे से दूर हो। इसके साथ-साथ आरामदायक चादर, तकिया और कंबल भी मदद करते हैं। एक शांत और कंफर्टेबल वातावरण में बच्चा जल्दी सोता है और अच्छी गुणवत्ता की नींद ले पाता है।
बच्चे के कमरे का माहौल नींद के लिए आरामदायक होना चाहिए। कमरे का तापमान न ज्यादा ठंडा हो और न ज्यादा गर्म। रोशनी हल्की हो और शोर-शराबे से दूर हो। इसके साथ-साथ आरामदायक चादर, तकिया और कंबल भी मदद करते हैं। एक शांत और कंफर्टेबल वातावरण में बच्चा जल्दी सोता है और अच्छी गुणवत्ता की नींद ले पाता है।
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इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का समय कम करें
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3. इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का समय कम करें
सोने से कम से कम 1 घंटे पहले मोबाइल, टीवी, टैबलेट और गेमिंग जैसी डिवाइस बंद कर दें। स्क्रीन की नीली रोशनी मस्तिष्क में मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है, जो नींद लाने में मदद करता है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सीमित करने से बच्चा जल्दी थकता है और प्राकृतिक तरीके से नींद में जाता है।
सोने से कम से कम 1 घंटे पहले मोबाइल, टीवी, टैबलेट और गेमिंग जैसी डिवाइस बंद कर दें। स्क्रीन की नीली रोशनी मस्तिष्क में मेलाटोनिन हार्मोन को प्रभावित करती है, जो नींद लाने में मदद करता है। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को सीमित करने से बच्चा जल्दी थकता है और प्राकृतिक तरीके से नींद में जाता है।
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दिनभर एक्टिव रखें
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4. दिनभर एक्टिव रखें
दिन में बच्चों को पर्याप्त शारीरिक गतिविधि और खेल-कूद में व्यस्त रखें। इससे उनका शरीर थक जाता है और रात में नींद जल्दी आती है। बाहरी खेल, योग, दौड़-भाग या हल्की एक्सरसाइज बच्चों को ऊर्जा खर्च करने में मदद करती है। सक्रिय दिनचर्या से न सिर्फ नींद आती है बल्कि बच्चा मानसिक रूप से भी शांत रहता है।
दिन में बच्चों को पर्याप्त शारीरिक गतिविधि और खेल-कूद में व्यस्त रखें। इससे उनका शरीर थक जाता है और रात में नींद जल्दी आती है। बाहरी खेल, योग, दौड़-भाग या हल्की एक्सरसाइज बच्चों को ऊर्जा खर्च करने में मदद करती है। सक्रिय दिनचर्या से न सिर्फ नींद आती है बल्कि बच्चा मानसिक रूप से भी शांत रहता है।