रक्षाबंधन भाई-बहन के रिश्ते का प्रसिद्ध त्योहार है, जिसे राखी भी कहते हैं। रक्षाबंधन में रक्षा का मतलब होता है सुरक्षा और बंधन का मतलब 'बाध्य' होता है। रक्षाबंधन में राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्त्व है। राखी रंगीन कलावे, रेशमी धागे, सोने या चांदी जैसी महंगी वस्तु तक की हो सकती है। इस दिन बहनें अपने भाईयों को राखी बांधकर भगवान से उनकी तरक्की के लिए प्रार्थना भी करती हैं। वैसे तो सामान्य तौर पर राखी बहनें अपने भाई को ही बांधती हैं, लेकिन इसके अलावा भी राखी ब्राह्मणों, गुरुओं और परिवार में छोटी लड़कियों द्वारा सम्मानित सम्बंधियों (जैसे बेटी द्वारा पिता) को भी बांधी जाती है। आइए जानते हैं रक्षाबंधन का इतिहास क्या है, इसे मनाने की शुरुआत कब हुई थी।
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Raksha Bandhan 2020: सदियों पुराना है रक्षाबंधन का इतिहास, महाभारत में भी मिलता है इसका उल्लेख
Mon, 03 Aug 2020 09:09 AM IST
सोनू शर्मा
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सोनू शर्मा
Updated Mon, 03 Aug 2020 09:09 AM IST
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Raksha Bandhan 2020
- फोटो : social media
Raksha Bandhan 2020
- फोटो : Needpix.com
सदियों पुराना है रक्षाबंधन का इतिहास
- रक्षाबंधन की शुरुआत कब हुई थी, इसका कोई निश्चित इतिहास नहीं मिलता, लेकिन माना जाता है कि यह सदियों पुराना त्योहार है। भविष्यपुराण के अनुसार, एक बार देव और दानवों के बीच युद्ध हो रहा था, तब दानव देवों पर हावी हो गए थे। इससे घबराकर इंद्रदेव गुरु बृहस्पति के पास चले गए और उन्हें अपनी व्यथा सुनाई। ये बातें इन्द्राणी भी सुन रही थीं। उन्होंने रेशम के धागे से निर्मित रक्षासूत्र को भगवान इन्द्र के हाथों पर बांध दिया। संयोग से उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि थी।
Raksha Bandhan 2020
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महाभारत में भी मिलता रक्षाबंधन का उल्लेख
- कहते हैं कि महाभारत में भी रक्षाबंधन का उल्लेख मिलता है। दरअसल, जब ज्येष्ठ पांडव युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से पूछा कि मैं सभी संकटों को कैसे पार कर सकता हूं, तब भगवान कृष्ण ने उनकी और उनकी सेना की रक्षा के लिए राखी का त्योहार मनाने की सलाह दी थी। उनका कहना था कि राखी के रेशमी धागे में वह शक्ति है, जिससे आप हर विपत्ति से मुक्ति पा सकते हैं।
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Raksha Bandhan 2020
- फोटो : Pixabay
रानी कर्णावती ने हुमायूं को भेजी थी राखी
- मध्यकालीन युग में भी राखी बांधने का प्रचलन था। कहते हैं कि एक बार राजपूत और गुजरात के सुल्तान बहादुर शाह के बीच युद्ध चल रहा था। तब चित्तौड़ के राजा की विधवा रानी कर्णावती ने अपनी प्रजा की सुरक्षा के लिए हुमायूं को राखी भेजी थी। तब हुमायूं ने चित्तौड़ और रानी कर्णावती की रक्षा की थी और उन्हें अपनी बहन का दर्जा दिया था।
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Raksha Bandhan 2020
- फोटो : Flickr
स्वतंत्रता आंदोलन में रक्षाबंधन की भूमिका
- स्वतंत्रता संग्राम में भी रक्षाबंधन की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। कहते हैं कि रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने बंग-भंग का विरोध करते समय रक्षाबंधन को बंगाल निवासियों के पारस्परिक भाईचारे और एकता का प्रतीक बनाकर इस त्योहार का राजनीतिक उपयोग शुरू किया था।