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इन आसान तरीकों से रखें नवजात शिशु का ख्याल, बच्चा रहेगा स्वस्थ नहीं करेगा चिढ़चिढ़

Fri, 18 Dec 2020 07:05 PM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: तेजस्वी मेहता Updated Fri, 18 Dec 2020 07:05 PM IST
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new mothers take care of new born baby with this tips
बाजारी उत्पादों से नवजात शिशु परेशान होता है - फोटो : अमर उजाला

बदलती हुई जीवन शैली और बढ़ती व्यवस्थाओं ने माता-पिता को कई शॉर्टकट्स रास्ते दे दिए हैं जिससे कि वह शायद अपने बच्चे को ही नुकसान पहुँचा रहे हैं | उनको ये समझ नहीं आता कि बाजारी उत्पादों से नवजात शिशु कितना परेशान होता है। वे अलग-अलग लोगों की राय मानकर तथा टीवी विज्ञापनों के बहकावे में आकर सुविधाजनक उत्पादों पर ज्यादा भरोसा करते हैं और प्राकृतिक व घरेलू नुस्खों को भूल ही चुके हैं | अगली स्लाइड्स से जानिए किस तरह नई माताओं को रखना चाहिए शिशुओं का ख्याल।

 

 

 


 

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डायपर शिशु की कोमल त्वचा के लिए बिलकुल भी अच्छे नहीं होते - फोटो : Pixabay

 लंगोट
आजकल के माता-पिता ने शिशु के लिए लंगोट की जगह डायपर का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह डायपर शिशु की कोमल त्वचा के लिए बिलकुल भी अच्छे नहीं होते क्योंकि इनके उपयोग से कई तरह के इन्फेक्शन्स होने का डर रहता है | दूसरी तरफ, लंगोट इस तरह से बनी होती है कि बच्चे के निजी अंगों में हवा का अच्छे से आदान-प्रदान हो सकता है, साथ ही साथ इनको दुबारा अच्छी तरह से घर में ही सफाई कर धूप में अच्छी तरह सूखाकर आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है |  

 

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ताजा सब्ज़ियों व फलों को मैश कर के शिशु को देने चाहिए - फोटो : Pixabay

 प्राकृतिक आहार
जैसे ही बच्चे 4-6 महीने का होता है तो अधिकतर डॉक्टरों का कहना होता है कि बच्चे को स्तनपान के साथ-साथ सेरेलैक जैसे सप्लीमेंट फ़ूड भी शुरू कर दिया जाना चाहिए | पर अगर देखा जाए तो सेरेलैक में भी बहुत सारे प्रीजर्वेटिव्स और अन्य सामग्रियाँ होती हैं जो बच्चे को नुकसान पहुँचा सकती हैं | इसके बदले में माँ को रसोई में पड़े हुए ताजा सब्ज़ियों व फलों को मैश कर के शिशु को देने चाहिए |  

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शिशु की मालिश करनी चाहिए

शुद्ध नारियल का तेल
बाजार में आजकल सैकड़ों प्रकार के ऑयल उपलब्ध हैं और सभी दावा करते हैं कि शिशु के लिए बहुत ही फायदेमंद साबित हो सकते हैं | जरूरी है कि आप शिशु पर ऐसे उत्पाद का इस्तेमाल करें जो प्राकृतिक गुणों से भरपूर हो। शुद्ध नारियल का तेल निकलवा कर, उससे अपने शिशु की मालिश करनी चाहिए | हफ्ते में केवल 3 बार इस तेल से मालिश करने से बच्चे का शरीर अच्छे से खुल जाता है। 

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दांत आना बहुत बच्चों के लिए दर्दनाक होता है - फोटो : file photo

 प्राकृतिक टीथर 
दांत आना बहुत बच्चों के लिए दर्दनाक होता है | इस दौरान कई बच्चे बहुत रोते हैं और कई बच्चे तो बहुत बीमार पड़ जाते हैं और कुछ बहुत ही कमज़ोर | बाजार में कई प्रकार के टीथर आते हैं पर उनकी जगह बच्चे के मुँह में गाजर या कोई और फायदेमंद पदार्थ डाल देना चाहिए | टीथर, प्लास्टिक के बना होता है जो कि बच्चों की सेहत के लिए बिल्कुल भी उपयुक्त नहीं होता है| अक्सर माँ टीथर को इधर-उधर रख देती हैं जिसके कारण वह कीटाणुओं का घर भी बन जाता है|

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