कहते हैं स्वस्थ शरीर में ही ईश्वर का वास होता है। इसलिए तन-मन को स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। लोग खुद को फिट रखने के लिए, खुद को बीमारियों से दूर रखने के लिए और खुद को तंदुरुस्त रखने के लिए लोग योग का सहारा लेते हैं। यही नहीं, कोरोना वायरस महामारी ने तो हर किसी को सीखा दिया कि हमें अपने शरीर को लेकर कितना सजग रहना चाहिए, अपने शरीर का खास ख्याल रखना चाहिए, बीमारियों से कैसे बचना चाहिए और अगर स्वस्थ रहना है तो इसमें हमारी मदद योग भी कर सकता है। कोरोना काल में काफी लोगों ने योग करके खुद को स्वस्थ रखा। ऐसे में अगर आप भी योग से जुड़ना चाहते हैं, तो आप प्राणायाम कर सकते हैं। लेकिन लोगों के मन में ये सवाल रहता है कि आखिर प्राणायाम कितने प्रकार के होते हैं? इन्हें कैसे किया जाता है? और इसके फायदे क्या हैं? अगर आपके मन में भी ये सवाल घूम रहे हैं, तो चलिए इनके बारे में जानते हैं।
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International Yoga Day 2021: यहां जानिए कितने प्रकार के होते हैं प्राणायाम और क्या हैं इनके लाभ
Mon, 21 Jun 2021 12:01 PM IST
प्रकाश चंद जोशी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रकाश चंद जोशी
Updated Mon, 21 Jun 2021 12:01 PM IST
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : iStock
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021 अनुलोम-विलोम
- फोटो : istock
1. अनुलोम-विलोम प्राणायाम
- ये एक नाड़ी शोधन प्राणायाम है, जो व्यक्ति के शरीर के सभी नाड़ियों का शोधन करता है। इसे करते समय आपको दोनों नाक से सांस लेनी होती है और फिर छोड़नी होती है। इसे करने से कई फायदे मिलते हैं। जैसे- फेफड़े मजबूत होते हैं, सर्दी-जुकाम में बचाव करता है, गठिया के लिए फायदेमंद होता है, पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है, तनाव और चिंता दूर होती है आदि।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021 प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
2. कपालभाति प्राणायाम
- इसमें आपको पैरों को मोडकर बैठना चाहिए, और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखना चाहिए। इसके बाद सामान्य तरीके से 2-3 बार सांस लें। सांस काफी जोर से अंदर लेनी है और फिर उनती ही तेजी से बाहर छोड़नी है। सांस लेने का असर आपके पेट पर नजर आना चाहिए। इसे करने से ब्लड सर्कुलेशन को ठीक रखने में, मेटाबॉलिज्म में सुधार करने में, एसिडिटी में राहत पहुंचाने में लाभ मिलता है।
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021
- फोटो : अमर उजाला
3. नाडी शोधन प्राणायाम
- इसमें आपको पैरों को मोडकर बैठाना है और इस दौरान आपकी रीढ़ की हड्डी सीधी होनी चाहिए। इसके बाद दाएं नाक के छिद्र को दबाते हुए बाएं नाक के छिद्र से सांस बाहर निकालें। ठीक ऐसे ही दूसरी तरफ से भी करें। 10-15 मिनट तक इसको करते रहें। इसे करने से हृदय, फेफड़े और मस्तिष्क स्वस्थ रहते हैं, क्रोध, चिड़चिड़ापन बेचैनी, माइग्रेन, नींद न आने जैसी चीजों में लाभ मिलता है।
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अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2021 (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : facebook/ Soins Corporels Ayurvédiques et Energétiques
4. शीतली प्राणायाम
- इसमें भी आपको पैर मोड़कर ही बैठना है, और फिर 6 बार गहरी सांस लेनी है। इसके बाद मुंह से ओ शेप बनाते हुए सांस को अंदर लें और नाक के जरिए सांस को बाहर निकालें। इसे करने से ब्लड प्रेशर, पेट के अल्सर, एसीडिटी, पाचन शक्ति बढ़ाने में, दिल की बीमारियों में आदि आराम मिलता है।