फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

अत्यधिक वायु प्रदूषण और जनसंख्या घनत्व से प्रभावित हो रहा बच्चों का बॉडी मास इंडेक्स

Wed, 28 Oct 2020 01:47 AM IST
निलेश कुमार लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: निलेश कुमार Updated Wed, 28 Oct 2020 01:47 AM IST
विज्ञापन
how air pollution, green spaces, built environment characteristics influence body mass index during initial years of life
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

बच्चों के बॉडी मास इंडेक्स(BMI) यानी शरीर द्रव्यमान सूचकांक में वृद्धि का संबंध उनके जीवन के शुरुआती दिनों के दौरान वायु प्रदूषण के स्तर और जनसंख्या घनत्व के साथ जुड़ा हो सकता है। वहीं, हरियाली के अनुकूल क्षेत्रों में रहने से बीएमआई में सकारात्मक असर पड़ता है। स्पेन के ला कैक्सा फाउंडेशन द्वारा समर्थित बार्सिलोना इंस्टिट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ (ISGlobal) की ओर से किए गए अध्ययन में यह जानकारी दी गई है। दरअसल, शहरी आवास कारकों और जोखिमों के साथ बीएमआई के संबंध का पता लगाने के लिए कैटालोनिया में शहरी वातावरण में रहनेवाले करीब 80 हजार बच्चों से संबंधित आंकड़ों का विश्लेषण किया गया था। इसी अध्ययन में यह जानकारी सामने आई। बता दें कि किसी व्यक्ति की ऊंचाई और वजन का अनुपात बॉडी मास इंडेक्स कहलाता है। 

how air pollution, green spaces, built environment characteristics influence body mass index during initial years of life
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

इस शोध अध्ययन में यह बात प्रमाणित हुई है कि बच्चों के जीवन के शुरुआती दिनों में पर्यावरणीय शहरी जोखिम कारक, जैसे वायु प्रदूषण, ग्रीन स्पेस और आसपास के निर्मित पर्यावरण उनकी लंबाई और वजन को प्रभावित करते हैं। ये प्रभाव गर्भावस्था के दौरान और बच्चों के जीवन के पहले कुछ सालों में बहुत प्रारंभिक चरण में शुरू हो सकते हैं।

how air pollution, green spaces, built environment characteristics influence body mass index during initial years of life
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

बार्सिलोना इंस्टिट्यूट के शोधकर्ता और इस अध्ययन के लेखक जेरॉन डे बोंट ने कहा कि शहरी वातावरण कारकों की ऐसी कई विशेषताएं हैं, जो बीएमआई को प्रभावित कर सकते हैं। इससे पूर्व के हुए अध्ययनों में एक साथ इन जोखिमों का आकलन नहीं किया गया था। इसलिए शोध के परिणाम असमान रहे हैं। पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हुए इस अध्ययन की बड़ी विशेषता रही कि इसमें एक साथ कई जोखिम कारकों का मूल्यांकन किया गया। 

विज्ञापन
विज्ञापन
how air pollution, green spaces, built environment characteristics influence body mass index during initial years of life
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI

कैटेलोनिया में प्राथमिक देखभाल चिकित्सा रिकॉर्ड के एक डेटाबेस से प्राप्त बच्चों से संबंधित आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इनमें शहरी क्षेत्रों में साल 2011 से 2012 के बीच पैदा हुए 79,992 बच्चे शामिल थे। पांच साल की उम्र तक उनके बीएमआई विकास यानी ऊंचाई और वजन के अनुपात के आधार पर आंकड़ों की गणना की गई। इसी 2011 से 2012 के दौरान आबादी के स्तर पर विभिन्न शहरी जोखिमों का भी विश्लेषण किया गया, जिनमें वायु प्रदूषण भी शामिल था। 

विज्ञापन
how air pollution, green spaces, built environment characteristics influence body mass index during initial years of life
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Pixabay

शोधकर्ता बोंट ने कहा, "अध्ययन के परिणामों से पता चलता है कि शहरी क्षेत्रों में जनसंख्या घनत्व और वायु प्रदूषण के उच्च स्तर के संपर्क में पांच साल तक के बच्चों में बीएमआई प्रभावित होती है। ये बीएमआई में  वृद्धि का कारण हो सकते हैं। वहीं ग्रीन स्पेस और हरियाली के अनुकूल निर्मित भवन और पर्यावरण बीएमआई में कमी का कारण हो सकता है।"

 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed