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Women Health: पीरियड्स में मीठा या तीखा खाने की क्रेविंग क्यों होती है?
Mon, 24 Aug 2026 05:13 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Mon, 24 Aug 2026 05:13 PM IST
सार
Women Health Tips: पीरियड्स के दौरान महिलाओं में अलग-अलग तरह की क्रैविंग होती है। कोई मीठा खाना चाहता है तो कोई तीखा... इसकी क्या वजह है, आइए जानते हैं।
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पीरियड्स में मीठा या तीखा खाने की क्रेविंग क्यों होती है?
- फोटो : AI
Women Health Tips: पीरियड्स के दौरान शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलाव सिर्फ मूड और ऊर्जा को ही प्रभावित नहीं करते, बल्कि खाने की पसंद पर भी असर डाल सकते हैं। यही वजह है कि कई महिलाओं को मासिक धर्म शुरू होने से पहले या उसके दौरान अचानक मीठा, तीखा, नमकीन या तला-भुना खाने का मन करने लगता है। कभी-कभी यह क्रेविंग इतनी तेज होती है कि पसंदीदा चीज सामने आते ही उसे खाने का मन करता है।
पीरियड्स में मीठा या तीखा खाने की क्रेविंग क्यों होती है?
- फोटो : AI
पीरियड्स में मीठा खाने का मन क्यों करता है?
मासिक धर्म के आसपास शरीर में हार्मोनल बदलाव होते हैं। इस दौरान कुछ महिलाओं को ऊर्जा कम महसूस हो सकती है और मीठी चीजें खाने की इच्छा बढ़ सकती है। चॉकलेट, मिठाई या अन्य मीठी चीजें जल्दी ऊर्जा देने वाली लगती हैं, इसलिए इनकी क्रेविंग हो सकती है।
इसके अलावा तनाव, खराब नींद और मूड में बदलाव भी खाने की इच्छा को प्रभावित कर सकते हैं। खासतौर पर पीरियड्स से पहले होने वाले प्रीमेंस्ट्रुअल लक्षणों के दौरान कुछ महिलाओं में भूख और खाने की पसंद बदल सकती है।
पीरियड्स में मीठा या तीखा खाने की क्रेविंग क्यों होती है?
- फोटो : AI
तीखा खाने की क्रेविंग क्यों होती है?
कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान मीठे की जगह चटपटा और तीखा खाना ज्यादा पसंद आता है। इसकी कोई एक निश्चित वजह नहीं होती। हार्मोनल बदलाव, मूड में परिवर्तन और स्वाद के प्रति संवेदनशीलता में बदलाव इसके पीछे भूमिका निभा सकते हैं।
तीखा खाना खाने से कुछ लोगों को थोड़ी देर के लिए मूड बेहतर महसूस हो सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा मसालेदार भोजन पेट में जलन, गैस या एसिडिटी बढ़ा सकता है।
कुछ महिलाओं को पीरियड्स के दौरान मीठे की जगह चटपटा और तीखा खाना ज्यादा पसंद आता है। इसकी कोई एक निश्चित वजह नहीं होती। हार्मोनल बदलाव, मूड में परिवर्तन और स्वाद के प्रति संवेदनशीलता में बदलाव इसके पीछे भूमिका निभा सकते हैं।
तीखा खाना खाने से कुछ लोगों को थोड़ी देर के लिए मूड बेहतर महसूस हो सकता है, लेकिन बहुत ज्यादा मसालेदार भोजन पेट में जलन, गैस या एसिडिटी बढ़ा सकता है।
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पीरियड्स में मीठा या तीखा खाने की क्रेविंग क्यों होती है?
- फोटो : AI
क्रेविंग को कैसे करें कंट्रोल?
पीरियड्स के दौरान संतुलित भोजन लेना बेहतर है। पर्याप्त पानी पिएं और भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, प्रोटीन और पौष्टिक वसा को शामिल करें। मीठा खाने का मन हो तो बहुत ज्यादा मिठाई या मीठे पेय की जगह फल या सीमित मात्रा में डार्क चॉकलेट जैसे विकल्प लिए जा सकते हैं।
पीरियड्स के दौरान संतुलित भोजन लेना बेहतर है। पर्याप्त पानी पिएं और भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, प्रोटीन और पौष्टिक वसा को शामिल करें। मीठा खाने का मन हो तो बहुत ज्यादा मिठाई या मीठे पेय की जगह फल या सीमित मात्रा में डार्क चॉकलेट जैसे विकल्प लिए जा सकते हैं।
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पीरियड्स में मीठा या तीखा खाने की क्रेविंग क्यों होती है?
- फोटो : AI
अगर क्रेविंग इतनी ज्यादा हो कि रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होने लगे, लगातार वजन बढ़ रहा हो या पीरियड्स के साथ अन्य गंभीर लक्षण भी हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। क्योंकि कई बार क्रेविंग किसी ऐसी वजह से भी हो सकती है, जिसके कारण आपके शरीर की दिक्कतें बढ़ रही हों।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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