सभी पूर्णिमा में शरद पूर्णिमा (Sharad Purnima) का खास महत्व होता है। शारदीय नवरात्रि के खत्म होने के बाद शरद पूर्णिमा आती है। हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन माह की पूर्णिमा तिथि पर शरद पूर्णिमा मनाई जाती है। इस बार यह 13 अक्टूबर को है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन चांद अपनी 16 कलाओं से पूरा होकर रातभर अपनी किरणों से अमृत की वर्षा करता है। माना जाता है कि इस दिन खीर को खुले में रखने से ओस के कण के रूप में अमृत बूंदें खीर के पात्र में भी गिरेंगी जिसके फलस्वरूप यही खीर अमृत तुल्य हो जायेगी, जिसको प्रसाद रूप में ग्रहण करने से प्राणी आरोग्य एवं कांतिवान रहेंगे।
Sharad Purnima 2019: शरद पूर्णिमा पर खीर का है विशेष महत्व, जानें बनाने की सबसे आसान विधि
खीर बनाने के लिए आवश्यक सामाग्री
चावल- 100 ग्राम
दूध- 2 लीटर
चीनी- 100 ग्राम
इलायची- 4 पिसी हुई
बादाम- 8 से 10 बारीक कटे हुए
काजू- 8 से 10 कटे हुए
चिरौंजी- 1 बड़ा चम्मच
घी- 1 बड़ा चम्मच
खीर बनाने की विधि
खीर बनाने के लिए सबसे पहले आप चावल को साफ कर अच्छे से धो लें। धोने के बाद चावल को किसी छलनी में पांच मिनट के लिए रख दें, जिससे चावल का सारा पानी छन जाए। अब आप एक कड़ाही को गर्म करें और उसमें घी डाल दें। इसके बाद छने हुए चावल को डालकर आप धिमी आंच पर 2 से 3 मिनट तक चलाते हुए भूनें। एक पतीला या किसी अन्य बर्तन में दूध डालकर आधा कप पानी मिलाएं और उबलने के लिए रख दें। जैसे ही दूध में उबाल आ जाए तो उसमें भूने हुए चावल डाल दें। अब 8 से 10 मिनट तक चावल को चलाते हुए पकने दें।
चावल को चलाते रहें नहीं तो वो नीचे तले में चीपक सकते हैं। जैसे ही चावल गलने लगे तो उसमें चीनी डाल दें। चीनी को घुलने तक मिश्रण को चलाते रहें। चीनी के घुलने के बाद काजू, चिरौंजी और बादाम डालकर, खीर को गाढ़ी होने तक लगभग 8 से 10 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं। जैसे ही खीर गाढ़ी हो जाए तो इसमे पिसी हुई इलायची डालकर तेज आंच पर 2 मिनट तक पकाएं। आपकी खीर अब तैयार है।