Sawan Vrat Dishes Recipe: सावन का महीना भक्ति, व्रत और सात्विकता का प्रतीक है। इस दौरान बहुत से लोग सावन के सोमवार के दिन व्रत करते हैं। कुछ लोग पूरे सावन में एक समय का भोजन करते हैं। ऐसे में हेल्दी, एनर्जी देने वाला और स्वादिष्ट खाना जरूरी हो जाता है। साथ ही सावन में शुद्ध, सात्विक और फलाहार खाना चाहिए। लेकिन हर दिन कुछ अलग खाना चाहते हैं या सावन के हर सोमवार के दिन फलाहारी खाने में वैरायटी चाहते हैं तो आपके पास कई विकल्प हैं। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि सावन व्रत में क्या खाएं, तो ये रेसिपी आपके बहुत काम आएंगी। सावन व्रत केवल आत्मसंयम का प्रतीक नहीं है, बल्कि शरीर को डिटॉक्स करने का भी समय होता है। इन सात्विक रेसिपीज को अपनाकर आप सेहत और भक्ति दोनों का ध्यान रख सकते हैं।
Sawan Vrat Dishes Recipe: सावन सोमवार व्रत में अपनाएं सात्विक भोजन के लिए ये विकल्प, बनाना है आसान
Sawan Vrat Dishes Recipe: सावन व्रत केवल आत्मसंयम का प्रतीक नहीं है, बल्कि शरीर को डिटॉक्स करने का भी समय होता है। इन सात्विक रेसिपीज को अपनाकर आप सेहत और भक्ति दोनों का ध्यान रख सकते हैं।
सिंघाड़े के आटे का पराठा
विधि एक बर्तन में सिंघाड़े का आटा, मैश किया आलू, हरी मिर्च, सेंधा नमक और हरा धनिया मिलाएं।
घी में बना यह पराठा हल्का और पचने में आसान होता है। इसे आलू या दही के साथ खाएं। यह पराठा व्रत में ऊर्जा और स्वाद दोनों देता है। इसे बनाने के लिए सामग्री और रेसिपी नोट कर लें। एक कप सिंघाड़े का आटा, एक उबला आलू, बारिक कटी हरी मिर्च, हरा धनिया, नमक, देसी घी और पानी।
जरूरत हो तो थोड़ा पानी डालकर नरम आटा गूंथ लें।
आटे की लोइयां बनाएं और बेलन से हल्का बेलें।
तवा गरम करें और पराठे को घी से दोनों तरफ से सुनहरा सेंकें।
साबूदाना खिचड़ी
यह झटपट बन जाती है और फुल एनर्जी देती है। इसे बनाने के लिए भीगा हुआ एक कप साबूदाना, एक उबला आलू, भुनी हुई दो चम्मच मूंगफली, हरी मिर्च, कढ़ी पत्ता, सेंधा नमक, घी की आवश्यकता होगी।
साबूदाना खिचड़ी बनाने की विधि
- साबूदाना को अच्छे से धोकर 6-7 घंटे के लिए भिगो दें।
- कड़ाही में घी गरम करें, उसमें हरी मिर्च और कढ़ी पत्ता डालें।
- कटे हुए उबले आलू डालकर हल्का भूनें।
- अब साबूदाना, सेंधा नमक और भुनी मूंगफली डालें।
- धीमी आंच पर 5-7 मिनट तक पकाएं जब तक साबूदाना पारदर्शी हो जाए।
- ऊपर से नींबू रस और हरा धनिया डालकर सर्व करें।
फलाहारी टिक्की
फलाहारी टिक्की व्रत के दौरान खाने के लिए उपयुक्त है और जल्दी तैयार हो जाती है। उबले आलू, सिंघाड़ा या राजगिरा का आटा, सेंधा नमक, हरी मिर्च, हरा धनिया और घी से तैयार कुरकुरी रेसिपी है।
फलाहारी टिक्की की विधि
- उबले आलू को मैश करके उसमें आटा, सेंधा नमक, मिर्च, धनिया, जीरा और नींबू रस मिलाएं।
- अब आलू के इस मिश्रण से टिक्कियां बनाएं।
- तवे पर थोड़ा सा घी डालकर टिक्कियों को दोनों ओर से सुनहरा सेंक लें।
- दही या व्रत की चटनी के साथ गरमा-गरम परोसें।
राजगिरा हलवा
उपवास में मीठा चाहिए तो राजगिरा हलवा एक पौष्टिक विकल्प है। देसी घी में बना यह हलवा एनर्जी और स्वाद दोनों से भरपूर होता है। राजगिरा हलवा बनाने की विधि आसान भी है और अधिक सामग्री की आवश्यकता भी नहीं है।
सामग्री
एक कप राजगिरा आटा, तीन से चार चम्मच देसी घी, दो कप पानी या दूध, आधा कप शक्कर, आधा चम्मच इलायची पाउडर और कटे हुए सूखे मेवे जैसे बादाम, काजू।
राजगिरा हलवा बनाने की विधि
- कढ़ाई में घी गर्म करके उसमें राजगिरा आटा डालें और धीमी आंच पर हल्की खुशबू आने व रंग बदलने तक भूनें।
- अब इसमें धीरे-धीरे गर्म पानी या दूध डालें और लगातार चलाते रहें ताकि गांठ न बनें।
- जब आटा पानी सोख ले तो उसमें शक्कर डालें और मिलाएं।
- शक्कर पिघलने पर इलायची पाउडर और सूखे मेवे डालें।
- दो से तीन मिनट पकाकर गैस बंद करें। गरमा-गरम हलवा परोसें।