दिवाली आने वाली है। 4 नवंबर को दिवाली है। पूरे देश में यह पर्व मनाया जाता है। दिवाली को लेकर देशभर के लोग काफी उत्सुक रहते हैं। इसकी एक वजह ये है कि दीपों का ये त्योहार पांच दिन का होता है। पांच दिन तक लोगों के घरों में जगमगाहट रहती है। चहल-पहल होती है। अलग अलग मान्यताएं और पूजा होती हैं। रोजाना अलग-अलग तरह के खास पकवान बनते हैं। तरह-तरह के स्नैक्स, रूटीन खाने से हटकर खास स्वादिष्ट लंच और डिनर बनाया जाता है। इन पांच दिनों में सबसे अधिक खाने में मिठाई मिलती है। दरअसल किसी भी त्योहार या खुशी के दिन मुंह मीठा करने की परंपरा होती है। ऐसे में जब पांच दिन त्योहार होता है तो हर दिन मुंह मीठा भी किया जाता है। अब इस पांच दिन के दीपों के पर्व को आप खास बनाना चाहते हैं तो हर दिन अलग-अलग तरह की मिठाई बना सकते हैं। यहां आपको धनतेरस से भाई दूज तक के लिए पांच अलग-अलग तरह की मिठाइयों की आसान रेसिपी बताई जा रही है।
Diwali 2021: पांच दिन अलग-अलग मिठाई से कराएं सबका मुंह मीठा, ये रही झटपट वाली रेसिपी
कलाकंद बनाने की सामग्री
पनीर कद्दूकस किया हुआ, कंडेंस्ड मिल्क, हरी इलायची पाउडर, घी, बारीक कटा पिस्ता
कलाकंद बनाने का आसान तरीका
-कलाकंद बनाने के लिए पनीर को कद्दूकस करके धीमी आंच पर कडाही पर कंडेंस्ड मिल्क के साथ डालकर मिला लें। इस मिश्रण को चलाते रहें जब तक यह गाढ़ा न हो जाए।
-जब मिश्रण कडाई के किनारों पर चिपकने लगे तो इलायची पाउडर डालकर अच्छे से मिक्स कर लें। अब एक छोटी गहरी प्लेट में घी लगा लें।
-कड़ाही को गैस से उतार कर कलाकंद वाले गर्म मिश्रण को उस प्लेट में फैला लें और बारीक कटा पिस्ता डालें।
-कलाकंद को ठंडा होने के लिए कमरें में कुछ देर रखें। फिर फ्रिज में 2 घंटे के लिए रख दें। ठंडा होने के बाद कलाकंद को निकाल कर चौकोर टुकड़ो में काट लें। स्वादिष्ट कलाकंद तैयार है।
मोतीचूर के लड्डू बनाने की सामग्री
डेढ़ कप बेसन, पानी, पीला रंग, घी, चीनी, केवड़ा वाटर या रोज़ वाटर, नींबू का रस, बादाम पिस्ते कटे हुए।
मोतीचूर के लड्डू बनाने की विधि
-लड्डू बनाने के लिए बेसन को छान लें। फिर उसमें आधा चम्मच घी और चुटकी भर खाने वाला पीला रंग मिलाकर पानी डालते हुए बेसन का पतला घोल बना लें।
-बेसन के घोल से बूंदी तैयार करने के लिए एक बड़ी कड़ाही में घी गर्म करें। एक कलछुल में बेसन का घोल भर कर कड़ाही पर गिराएं। बेसन का घोल बूंदी के तरह कलछुल से छनकर कड़ाही में गिरने लगेगा। इसे सुनहरा और सॉफ्ट होने तक भूल लें। फिर कड़ाही से घी छान कर निकाल लें।
-अब एक पैन में पानी और चीनी को चाशनी बनाने के लिए पकने के लिए चढ़ाएं। जब गाढ़ा होने लगे तो नीबू की कुछ बूंद डाले। फिर केवड़ा वाटर मिला लें।
-इसके बाद गर्म चाशनी में बूंदी को मिलाकर आधे घंटे के लिए ढककर रख दें। बाद में ऊपर से बादाम पिस्ता डालकर लड्डू का आकार दें। मोतीचूर के लड्डू तैयार हैं।
काजू कतली बनाने के लिए सामग्री
काजू,चीनी, दूध, इलायची पाउडर, चांदी का वर्क, एक बर्तन में घी लगा हुआ
काजू कतली बनाने की रेसिपी
काजू कतली बनाने के लिए सबसे पहले दूध और काजू को मिलाकर पेस्ट तैयार कर लें।
अब इस पेस्ट में चीनी मिलाएं और हल्की आंच पर कुछ देर तक पका लें। दूध को लगातार चलाते रहें।
जब ये दूध गाढ़ा होकर गूंथे आटे की तरह हो जाए तो गैस से उतार लें और एक प्लेट में घी लगाकर दूध के इस पेस्ट को फैला लें।
इस मिश्रण पर ऊपर से चांदी का वर्क लगा कर कुछ देर के लिए जमने के लिए रख दें। काजू कतली जब टाइट होने लगे तो धारदार चाकू से डायमंड के आकार में काट लें। काजू कतली तैयार हैं।
गाजर का हलवा बनाने के लिए सामग्री
4-5 गाजर, एक कप दूध,आधा कप चीनी, खोया, बारीक कटे बादाम, किशमिश, काजू बारीक कटे, पिस्ता बारीक कटे हुए, पिसी इलायची, घी, सूखे मेवे।
गाजर का हलवा बनाने की रेसिपी
गाजर को धोकर छील लें और कद्दूकस कर लें। अब गैस पर कड़ाही चढ़ाएं। उसमें दूध, कद्दूकस की हुई गाजर मिला लें।
मध्यम आंच पर इस मिश्रण को पकाएं। इसे चलाते रहें। जब गाजर का पानी सूख जाएं तो दूध गाढ़ा होकर मिक्स हो जाएगा।
गाजर में चीनी और घी डालकर मिला लें। चीनी घुल जाएं तो उसे गाढ़ा होने तक पका लें। जब सारा पानी सूख जाए तो खोया मैश करके मिक्स कर लें।
ऊपर से बादाम, किशमिश, काजू, पिस्ता और इलायची मिलाकर मध्यम आंच पर पकाएं।