बहुत सारे लोग डाइटिंग वजन को कम करने के लिए करते हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी है जो हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए इसे अपनाते हैं। डाइटिंग करने के अपने फायदे और नुकसान हैं, लेकिन इसे एक लिमिट तक ही किया जाए तो इसमें कोई बुराई नहीं है। क्या आप जानते हैं कि हम खान-पान से जुड़े आयुर्वेद के कुछ नियमों को फॉलो करके भी वजन को कंट्रोल और हेल्दी रह सकते हैं।
आयुर्वेद में खाने और लाइफस्टाइल से जुड़ी कई चीजों का वर्णन है, जिन्हें फॉलो कर हम हेल्दी रह सकते हैं। इसमें खाने का सही समय से लेकर, सही बॉडी पॉस्चर और खाने में क्या खाना चाहिए और किसे एवॉइड करना चाहिए के बारे में बताया गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Social Media
गर्मियों में हर किसी को फ्रिज से ठंडा पानी निकालकर पीने का दिल करता है। ठंडे पानी को पीने से आपकी प्यान नहीं बुझती और साथ ही शरीर के तापमान में भी अचानक झटका लगता है। आयुर्वेद के मुताबिक पानी कमरे के तापमान पर होना चाहिए। इसके साथ ही जब भी पानी पीएं तो इसे धीरे-धीरे पीना चाहिए, जिससे यह शरीर के हर अंग तक पहुंच सके।
बहुत सारे लोगों का मानना होता है कि हेल्दी डाइट लेने के लिए सबसे पहले फैट को अपने डाइट प्लान से हटा देना चाहिए। यह बात बिल्कुल सच नहीं है। आयुर्वेद के अनुसार, हमारे शरीर को कुछ फैट्स की भी जरूरत होती है।
अगर आप वजन कम करने में जुटे हैं तो ऐसे में डाइट में से बिल्कुल फैट को निकाल देने से अच्छा है कि आप अपने लिए सही फैट को चुनें। कुछ फैट हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होते हैं और कुछ हानिकारक होते हैं। अनसैचुरेटेड फैटस शरीर के लिये लाभदायक होते हैं इन्हे गुड फैटस कहा जाता है जबकि सैचुरेटेड फैटस स्वास्थ्य के लिये अच्छे नहीं माने जाते।