सलाद को लेकर अक्सर लोग सोचते हैं ये 5 बातें, असलियत कुछ और
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भ्रम - फैट फ्री सलाद हमेशा सेहतमंद है।
असलियत - ऐसा जरूरी नहीं है। पत्तेदार सब्जियों और फलों के सलाद में बहुत अधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट्स हैं जिन्हें पचाने के लिए थोड़ा फैट्स जरूरी है। सलाद में ऑलिव ऑयल की ड्रेसिंग आपके लिए सुरक्षित और कारगर विकल्प हो सकती है।
भ्रम - सलाद में हमेशा कम कैलोरी होती है।
असलियत - ऐसा कतई नहीं है। यह निर्भर करता है कि आप कैसा सलाद अधिक खाते हैं। नट्स, चीज या मायोनीज युक्त सलाद में कैलोरी की मात्रा चिप्स या बर्गर से भी अधिक हो सकती है। ऐसे में सलाद में फैट कितनी हद तक आवश्यक है, इसका बैलेंस बनाना भी जरूरी है।
भ्रम - सारे सलाद पत्ते एक जैसे ही हैं और उनसे कोई नुकसान नहीं है।
असलियत - सलादपत्ते यानी लेट्यूस की ड्रेसिंग अगर आप सलाद में देते हैं तो ध्यान रखें कि सारे सलाद पत्ते एक जैसे नहीं होते हैं। आइसबर्ग जैसे कुछ सलाद पत्ते पोषक नहीं होते हैं जबकि पालक, लाल रंग के लेट्यूस बेहद फायदेमंद होते हैं।
भ्रम - हरा-भरा सलाद ही फायदेमंद है।
असलियत - हरा-भरा सलाद यानी हरी पत्तेदार सब्जियों का सलाद फायदेमंद है इसमें कोई शक नहीं है लेकिन यही सबसे फायदेमंद है, यह सोच गलत है। हरे सलाद के बजाय पांच रंगों के फलों के सलाद, गाजर या मूली के रंग-बिरंगे सलाद अधिक फायदेमंद होते हैं।