दूध पीने से होने वाले फायदों के बारे में हम सभी बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। दूध को सबसे ज्यादा पौष्टिक भोजन के तौर पर जाना जाता है। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, फास्फोरस और पोटेशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो हमें सेहतमंद जीवन जीने में मदद करते हैं। इतना ही नहीं दूध को इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सबसे प्रभावी घरेलू उपाय माना जाता है। नींद न आने की समस्या से जूझ रहे लोगों को भी दूध पीने की सलाह दी जाती है। ऐसा कहा जाता है कि रात में दूध पीने से नींद की गुणवत्ता में सुधार होता है और तनाव से राहत मिलता है। आइए जानते हैं इसके पीछे के वैज्ञानिक महत्व के बारे में...
क्या रात में सोने से पहले दूध पीना सेहत के लिए होता है फायदेमंद?
क्या दूध वास्तव में आपको सोने में मदद कर सकता है?
इंसानों और जानवरों के एक छोटे से समूह पर हुए अध्ययन में यह पता चला है कि दूध और पनीर जैसे किसी भी तरह का डेयरी उत्पाद आपकी नींद पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। अगर रात में सोने से पहले दूध पीते हैं तो रात में शांति से सो सकते हैं। इस शोध के मुताबिक, दूध में दो महत्वपूर्ण यौगिक ट्रिप्टोफैन और मेलाटोनिन होते हैं, जो नींद लाने में सहायक होते हैं।
क्या काम करते हैं ये दो यौगिक?
ट्रिप्टोफैन नामक यौगिक सेरोटोनिन न्यूरोट्रांसमीटर के उत्पादन में मदद करता है, जो मूड को बेहतर बनाने के साथ दिमाग को आराम देते हैं। वहीं दूसरा यौगिक मेलाटोनिन आपके सर्कैडियन लय को नियंत्रित करने और आपके शरीर को सोने के लिए तैयार करने में मदद करता है। ये दोनों यौगिक स्लीप डिसऑर्डर की समस्या से निपटने में फायदेमंद साबित हुआ है। लेकिन अभी भी सबूतों की कमी है।
जानिए मनोवैज्ञानिक पहलू
सबूतों की कमी के वजह से और मजबूत विश्वास के कारण ज्यादातर विशेषज्ञ ये सोचते हैं कि नींद को बढ़ावा देने वाली क्षमता मनोवैज्ञानिक प्रभावों से संबंधित है। मनोवैज्ञानिक पहलू की बात करें तो दूध एक तरह से सुखदायक चीज है, जिसका रात में सेवन करने से नींद अच्छा आता है।
क्या रात में दूध पीना अच्छा है?
वहीं कई शोध में ये भी सामने आया है कि रात में दूध पीने से वजन बढ़ता है। वहीं कब्ज की समस्या से परेशान लोगों के लिए यह हानिकारक हो सकता है। रात में दूध पीने से कब्ज के लक्षण और भी बदतर हो सकते हैं। विशेषज्ञों की माने तो दूध पीने का सबसे अच्छा समय सुबह या शाम हो सकता है।