वसुंधरा वाथम
Busy Life: फायदे ही नहीं व्यस्त रहने के हैं कई नुकसान भी, जानकर निकालेंगे खुद के लिए थोड़ा वक्त
अगर आप लगातार अपनी देखभाल का त्याग या जरूरतों की उपेक्षा कर रही हैं तो समय आ गया है कि आप खुद को समय दें। असल में, व्यस्त शेड्यूल की वजह से महिलाएं अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं।
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यदि आप हमेशा एक काम से दूसरे काम में भागती रहती हैं और ऐसा महसूस करती हैं कि आपके पास कभी पर्याप्त समय नहीं होता तो यह इस बात का संकेत है कि व्यस्तता ने आपके जीवन पर पूरी तरह कब्जा कर लिया है। यह भावना आपको व्यस्त न होने पर अपराधबोध महसूस कराती है और आत्मविश्वास को कमजोर करती है।
अपनी देखभाल की उपेक्षा
अगर आप लगातार अपनी देखभाल का त्याग या जरूरतों की उपेक्षा कर रही हैं तो समय आ गया है कि आप खुद को समय दें। असल में, व्यस्त शेड्यूल की वजह से महिलाएं अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज कर देती हैं। ऐसे में भोजन करना भूल जाना या पानी न पीना आपको बीमार कर सकता है।
हमेशा अतिरिक्त कार्य
क्या आपके जीवन में काम करने की कोई सीमा नहीं है? क्या आप काम पर या अपने निजी जीवन में अतिरिक्त कार्य करने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं? आपको न कहना असंभव लगता है? इन सारी वजहों से आप खुद को प्रतिबद्धताओं से घिरा पाती हैं और व्यस्तता के जाल में फंसी रहती हैं, जो कि आपकी निजी और पेशेवर, दोनों ही जिंदगियों के लिए खतरा है।
कुशलता बनाम व्यस्तता
कई लोग छूट जाने या प्रॉडक्टिव न होने के डर से अपना शेड्यूल चरम सीमा तक पैक कर लेते हैं। उन्हें लगता है कि अगर ज्यादा काम नहीं किया तो सफलता नहीं मिलेगी। वहीं अगर आप लगातार अपनी प्रोडक्टिविटी को बाहरी मान्यता या अनुमोदन से जोड़कर देख रही हैं तो यह आप पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
खाली समय में तनाव
जब आपको छुट्टी या कुछ खाली समय मिलता है तो क्या आप इस खालीपन में बेचैनी महसूस करती हैं? इस दौरान आपको आराम करने और इस समय का आनंद लेने में परेशानी होती है, क्योंकि आपको लगता है कि कुछ महत्वपूर्ण काम छूट जाएगा? अगर ऐसा है तो यह आपके लिए बड़ी परेशानी है, जिस पर आपको ध्यान देना होगा।
भावनाओं को छुपाना
कई लोगों के लिए खुद को पूरे समय कार्यों में व्यस्त रखना, अपने जीवन की समस्याओं से बचने का एक तरीका होता है। असल में, जब हमारा दिमाग किसी कार्य में व्यस्त नहीं होता है तो उल्टे-सीधे विचार आने लगते हैं। लोग इसी तनाव से बचने के लिए व्यस्त रहने की कोशिश करते हैं।
आप मशीन तो नहीं
वरिष्ठ मनोवैज्ञानिक डॉ. सुविधा शर्मा बताती हैं, व्यस्त रहने की आदत आपके रिश्तों के साथ-साथ व्यक्तित्व पर भी नकारात्मक असर डालती है। इसलिए सबसे पहले आप इसकी वजह जानने का प्रयास करें कि क्या कारण है, जो आप इतनी व्यस्त हैं? असल में कई लोग व्यस्तता को आत्मरक्षा के रूप में इस्तेमाल करते हैं और खुद को उन लोगों से मिलने तथा समारोह में जाने से बचाते हैं, जिन्हें वे पसंद नहीं करते। वहीं इसका दूसरा पक्ष है खुद को कामगार दिखाकर दूसरों को आलसी दिखाना। लेकिन आपको इन सबसे ऊपर उठकर यह समझना होगा कि आप एक इन्सान हैं, कोई मशीन नहीं, जो दिन-रात किसी न किसी काम में व्यस्त रहें और अपने दिमाग को कूड़ेदान बना लें। इसलिए समय को व्यवस्थित करें।