कल हम सभी ने होली का खूब आनंद लिया। होली के बाद शरीर में थकान और ऊर्जा की कमी होना काफी स्वाभाविक माना जाता है। होली के ऐसे पोस्ट इफेक्ट अगले दिन भी बने रह सकते हैं। थकान-सुस्ती जैसी इन समस्याओं को कम करने के लिए पौष्टिक आहार और हाइड्रेशन के साथ-साथ योग-व्यायाम से भी आपको लाभ मिल सकता है। योगासनों का अभ्यास न केवल मानसिक रूप से आपको फिट रखने में सहायक हैं, साथ ही शरीर को ऊर्जावान रखने और कई तरह की बीमारियों के जोखिम को कम करने में भी योगासनों का अभ्यास करना लाभदायक हो सकता है।
आज का योग: शरीर में ऊर्जा और स्फूर्ति को बढ़ाते हैं ये योगासन, होली के अगले दिन जरूर करें अभ्यास
अधोमुख-शवासन योग के लाभ
अधोमुख-शवासन उन विशेष लाभकारी योगासनों में से एक है जो शरीर को उर्जावान और बेहतर काम करने की शक्ति देने में काफी मदद कर सकता है। हैमस्ट्रिंग और कंधों की बेहतर स्ट्रेचिंग के साथ रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देने में इस योगासन के लाभ हैं। जब आप इस योग में उल्टे V में की अवस्था में होते हैं, तो इससे हृदय गति थोड़ी बढ़ जाती है। मस्तिष्क में रक्त के संचार को बढ़ावा देकर यह योगासन आपकी एकाग्रता में भी सुधार करने में सहायक है।
चेयर पोज़ का अभ्यास
चेयर पोज़ योग स्क्वाट अभ्यास का ही एक प्रकार है। यह आपके पैरों को सक्रिय करने का एक शानदार तरीका है, जो आपके शरीर की सबसे बड़ी मांसपेशी समूह है। यह वास्तव में आपके रक्त को पंप करने वाला योग है, जिससे शरीर में ऊर्जा को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। अपनी बाहों को अपने सिर के ऊपर रखने की कोशिश करें क्योंकि इससे और भी अधिक रक्त नीचे की ओर होगा और आपको ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
वृक्षासन योग के लाभ
वृक्षासन योग या ट्री पोज़ शरीर और मस्तिष्क दोनों के लिए विशेष लाभदायक माना जाता है। ट्री पोज़ एक बैलेंसिंग पोज़ है, जो एकाग्रता और शारीरिक संतुलन को बढ़ाने में मदद करता है। यह रक्त प्रवाह के लिए बहुत अच्छा माना जाता है। शरीर में ऊर्जा और स्फूर्ति के संचार के साथ पीठ और पैरों में दर्द की समस्या को कम करने में भी इस योग को काफी कारगर माना जाता है। इसका नियमित अभ्यास आपको कई तरह से लाभ दे सकता है।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
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