तेजी से दौड़ती भागती इस दुनिया में काम के तनाव और सामाजिक-पारिवारिक समस्याओं के कारण लोगों में तनाव की समस्या होना सामान्य है। आज की दुनिया में, जहां लोग तनाव, चिंता और अवसाद से ग्रस्त होते जा रहे हैं ऐसे में अपने दिमाग को शांत करने के तरीकों के बारे में जानना कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। तनाव की स्थिति आपके रिश्तों, कामकाज और जीवन की गुणवत्ता को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है।
आज का योग: मन को शांत रखने में इन योगासनों के हैं गजब के फायदे, तनाव भी होगा कम
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कोबरा पोज योग के लाभ
मन को शांत रखने के साथ कई प्रकार की समस्याओं को कम करने में कोबरा पोज योग के अभ्यास को लाभदायक माना जाता है। यह आपके ऊर्जा स्तर को बढ़ाने के साथ और मूड को ठीक रखने और पीठ को मजबूती देने में भी सहायक है। कोबरा मुद्रा के लिए जमीन पर लेट जाएं और अपनी हथेलियों को फर्श पर कंधे की चौड़ाई से अलग रखें। अपने निचले शरीर को जमीन पर रखते हुए श्वास लें और अपनी छाती को फर्श से उठाते हुए छत की ओर देखें। सांस छोड़ते हुए अपने शरीर को फर्श पर दोबारा लेकर आएं। इस योग को रोजाना 5-10 मिनट तक करें।
ब्रिज पोज योग के लाभ
विशेषज्ञों के मुताबिक यह योग यह न केवल थकान और चिंता से निपटने में मदद करता है साथ ही इसका अभ्यास सिरदर्द, पीठ दर्द, अनिद्रा जैसी समस्याओं को दूर करने में भी सहायक माना जाता है। इस योग को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा अलग करते हुए घुटनों को मोड़ लें। हथेलियों को खोलते हुए हाथ को बिल्कुल सीधा जमीन पर सटा कर रखें। अब सांस लेते हुए कमर के हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं, कंधे और सिर को सपाट जमीन पर ही रखें। सांस छोड़ते हुए दोबारा से पूर्ववत स्थिति में आ जाएं।
मन को शांत रखने के लिए करें चाइल्ड पोज का अभ्यास
चाइल्ड पोज मुद्रा मन को शांत करने, किसी भी तरह के तनाव को कम करने में बहुत फायदेमंद है। इसे आपके लसीका और तंत्रिका तंत्र के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है। इस योगाभ्यास को करने के लिए मैट पर वज्रासन में बैठ जाएं। अब श्वास अंदर लेते हुए दोनों हाथों को सीधा सिर के उपर उठा लें। श्वास बाहर छोड़ते हुए आगे की ओर झुकें और हथेलियों और सिर को ज़मीन पर टिकाएं। लंबी श्वास अंदर लें और बाहर छोड़ें। दोनों हाथों की उंगलियों को आपस में जोड़ते हुए सिर को दोनों हथेलियों के बीच में धीरे से रखें। रोजाना इस अभ्यास को करें।
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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।