साल 2020 और 2021 पूरी तरह से कोरोना संक्रमण की भेंट चढ़ गया। इसमें भी 2021 में आई कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के चलते लोगों को बड़ी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कोरोना की दूसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार के साथ रोगियों की मौत के मामलों ने भी लोगों को खूब परेशान किया। अब यह साल खत्म हो रहा है, ऐसे में उम्मीद करते हैं कि नया साल 2022 सेहत के लिहाजे से देश और दुनिया के लिए बेहतर हो।
Year Ender 2021: कोविड-19 ही नहीं, 2021 में इन बीमारियों ने भी लोगों की बढ़ा दी थीं मुश्किलें
ब्लैक फंगस का संक्रमण
कोरोना संक्रमण से ठीक हो रहे लोगों में ब्लैक फंगस या म्यूकोरमाइकोसिस नामक बीमारी ने काफी परेशान किया। स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसे बहुत ही घातक संक्रमणों में से एक मानते हैं। कोरोना के इलाज के दौरान अधिक मात्रा में स्टेरॉयड दवाओं के सेवन के कारण इस बीमारी के मामले देखने को मिले। म्यूकोरमाइकोसिस के कारण लोगों को आंखों से दिखाई न देने, सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई और सुन्नता जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा।
डेंगू का कहर
साल 2021 के आखिरी महीनों में देश में डेंगू के मामले तेजी से बढ़े। इस साल डेंगू के ऐसे स्ट्रोनों के संक्रमण के बारे में भी पता चला जिसके चलते रोगियों को गंभीर जटिलताओं का सामना करना पड़ा। एडीज प्रजाति के मच्छरों के काटने के कारण होने वाली इस बीमारी में रोगियों के ब्लड प्लेटलेट्स का स्तर काफी घट जाता है। इतना ही नहीं समय से इलाज न मिलने और रोग की गंभीरता के कारण लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।
हार्ट अटैक
साल 2021 में कोरोना के साथ साथ जिन अन्य गंभीर रोगों को लोगों को परेशान किया, हार्ट अटैक की समस्या इसमें से एक रही। अभिनेता सिद्धार्थ शुक्ला हों या कन्नड़ अभिनेता पुनीत राजकुमार, कम उम्र में हार्ट अटैक के कारण देश ने प्रतिभाशाली लोगों को खो दिया। जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के साथ बहुत अधिक जिम करने जैसी आदतों को स्वास्थ्य विशेषज्ञ हार्ट अटैक के प्रमुख कारणों में से एक मानते हैं।
मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम (एमआईएस)
कोरोना के इस दौर में कई लोगों में मल्टीसिस्टम इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम की समस्या के बारे में भी पता चला। कोरोना संक्रमित बच्चों में इसकी शिकायत अधिक देखने को मिली। एमआईएस के कारण हृदय, फेफड़े, रक्त वाहिकाओं, किडनी, पाचन तंत्र, मस्तिष्क, त्वचा या आंखों में गंभीर सूजन की समस्या हो सकती है। इसके लक्षणों में रोगियों को बुखार, उल्टी, पेट में दर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते, तेजी से सांस लेने और सिरदर्द की समस्या का सामना करना पड़ा।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों आधार पर तैयार किया गया है।
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