आज वर्ल्ड टी डे है, चाय से होने वाले फायदों के बारे में जागरूकता बढ़ाने का दिन।
World Tea Day: डायबिटीज से लेकर पार्किंसंस-कैंसर जैसी बीमारियों से बचा सकती है चाय, बस एक बदलाव की जरूरत
पत्तियों का फर्मेंटेशन
चाय की पत्तियों को तैयार करते समय उससे तेल को बाहर निकालने के लिए पत्तियों को सुखाया और क्रश किया जाता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि इससे किस प्रकार की चाय बनाना चाहते हैं। इस प्रक्रिया को फर्मेंटेशन कहा जाता है, यह एक रासायनिक प्रक्रिया है जो पत्तियों को अलग स्वाद और भूरा रंग प्रदान करती है।
पत्तियां जितने लंबे समय तक खुले में रहेंगी, उनमें उतनी ही अधिक कैफीन होगी। वहीं, ग्रीन-टी के लिए फर्मेंटेशन की प्रक्रिया नहीं की जाती है, यही कारण है कि इसमें कैफीन नहीं होता है और चाय के प्राकृतिक गुण भी सलामत रहते हैं। ग्रीन-टी, ओलोंग टी में एंटीऑक्सीडेंट की अधिकता के कारण ही इन्हें सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है।
ग्रीन-टी से होने वाले लाभ
ग्रीन-टी के सेवन के कई स्वास्थ्य लाभ के बारे में अध्ययनों में विस्तृत जिक्र मिलता है। इसमें हेल्दी बायोएक्टिव यौगिक शामिल होते हैं जो शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत को लाभ पहुंचाते हैं। मस्तिष्क के कार्य में सुधार करने के साथ इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट कुछ कैंसर के जोखिम को कम कर सकते हैं।
यह फैट बर्निंग को बढ़ाता है जिससे मोटापे का जोखिम कम हो सकता है। टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग, पार्किंसंस रोग के जोखिमों को कम करने में भी इसके लाभ पाए गए हैं।
ओलोंग टी के फायदे
ग्रीन-टी की ही तरह ओलोंग टी को भी सेहत के लिए कई प्रकार से लाभकारी बताई गई है, यह फैट बर्निंग को उत्तेजित करती है जिससे अधिक वजन की समस्या वालों को लाभ मिल सकता है। वजन कंट्रोल रहने से टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोगों सहित कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा कम होता है।
शोध में पाया गया है कि ओलोंग टी कैलोरी बर्न को 3.4 फीसदी तक बढ़ा देती है। ओलोंग टी में एल-थीनाइन नामक एक एमिनो एसिड भी होता है, जिसे अध्ययनों में मस्तिष्क की गतिविधि में सुधार करने, नींद की गुणवत्ता को बेहतर करने और तनाव-चिंता जैसे संज्ञानात्मक जोखिमों को कम करने में प्रभावी पाया गया है।
एंटीऑक्सीडेंट युक्त चाय का करें सेवन
एंटीऑक्सीडेंट वाली चाय को मधुमेह की जटिलताओं से बचाने में मददगार पाया गया है, यह इंसुलिन प्रतिरोध को कम करने और शरीर में सूजन को घटाने में मदद करती है। अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि नियमित रूप से एंटीऑक्सीडेंट युक्त चाय, रक्त शर्करा प्रबंधन और टाइप-2 मधुमेह के विकास के जोखिम को कम करने में विशेष लाभप्रद हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
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