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World Sauntering Day: हर दिन 30 मिनट की सैर से कम होगा तनाव और मिलेंगे कई अन्य फायदे
Fri, 19 Jun 2026 03:33 PM IST
Shruti Gaur
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Fri, 19 Jun 2026 03:33 PM IST
सार
World Sauntering Day 2026: ये दिन हमे एहसास दिलाता है कि हर वक्त दौड़ना जरूरी नहीं होता, कभी-कभी बिना मंजिल के टहलना भी जीवन का सुकून है।
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हर दिन सैर करने के फायदे
- फोटो : AI
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World Sauntering Day 2026: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम सब किसी न किसी लक्ष्य की ओर भाग रहे हैं। सुबह से रात तक काम, जिम्मेदारियां, प्रतिस्पर्धा और समय की कमी हमें लगातार दौड़ाए रखती है। ऐसे में हम अक्सर वर्तमान पल की खूबसूरती को महसूस करना भूल जाते हैं।
हर दिन सैर करने के फायदे
- फोटो : AI Generated
क्या है ये ‘सॉन्टरिंग डे’?
‘सॉन्टरिंग’ का मतलब है बिना किसी दबाव, जल्दबाजी या निश्चित मंजिल के आरामदायक ढंग से टहलना। यह केवल पैदल चलना नहीं, बल्कि चलते हुए अपने आसपास की चीजों को महसूस करना है। पक्षियों की चहचहाहट सुनना, पेड़ों की हरियाली को निहारना, ताजी हवा का स्पर्श महसूस करना और लोगों के चेहरे पढ़ना भी सॉन्टरिंग का हिस्सा है।
इस दिन की शुरूआत 1979 में अमेरिकी जनसंपर्क विशेषज्ञ डब्ल्यू. टी. राबे ने की थी। उस समय जॉगिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा था। ऐसे में राबे का मानना था कि फिटनेस जरूरी है, लेकिन जीवन का आनंद लेने के लिए कभी-कभी धीमे कदमों से चलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
‘सॉन्टरिंग’ का मतलब है बिना किसी दबाव, जल्दबाजी या निश्चित मंजिल के आरामदायक ढंग से टहलना। यह केवल पैदल चलना नहीं, बल्कि चलते हुए अपने आसपास की चीजों को महसूस करना है। पक्षियों की चहचहाहट सुनना, पेड़ों की हरियाली को निहारना, ताजी हवा का स्पर्श महसूस करना और लोगों के चेहरे पढ़ना भी सॉन्टरिंग का हिस्सा है।
इस दिन की शुरूआत 1979 में अमेरिकी जनसंपर्क विशेषज्ञ डब्ल्यू. टी. राबे ने की थी। उस समय जॉगिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा था। ऐसे में राबे का मानना था कि फिटनेस जरूरी है, लेकिन जीवन का आनंद लेने के लिए कभी-कभी धीमे कदमों से चलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
हर दिन सैर करने के फायदे
- फोटो : Adobe
धीमी सैर के हैं कई स्वास्थ्य लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार धीमी गति से टहलना शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद होता है। यह एक ऐसा हल्का व्यायाम है, जो शरीर को सक्रिय रखता है और जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं डालता। इसलिए यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
धीमी वॉक से रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे हृदय स्वस्थ रहता है। यह तनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है और मानसिक शांति प्रदान करती है। नियमित रूप से पैदल चलने से पाचन तंत्र मजबूत होता है, नींद की गुणवत्ता सुधरती है और शरीर में ऊर्जा का स्तर भी बेहतर बना रहता है।
विशेषज्ञों के अनुसार धीमी गति से टहलना शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद होता है। यह एक ऐसा हल्का व्यायाम है, जो शरीर को सक्रिय रखता है और जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव भी नहीं डालता। इसलिए यह बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र के लोगों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
धीमी वॉक से रक्त संचार बेहतर होता है, जिससे हृदय स्वस्थ रहता है। यह तनाव और चिंता को कम करने में मदद करती है और मानसिक शांति प्रदान करती है। नियमित रूप से पैदल चलने से पाचन तंत्र मजबूत होता है, नींद की गुणवत्ता सुधरती है और शरीर में ऊर्जा का स्तर भी बेहतर बना रहता है।
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हर दिन सैर करने के फायदे
- फोटो : Freepik.com
वर्तमान में जीने का आसान तरीका
अक्सर हम या तो बीते हुए कल में उलझे रहते हैं या आने वाले कल की चिंता में खोए रहते हैं। ऐसे में सैर हमें वर्तमान क्षण से जोड़ती है। जब हम बिना किसी जल्दबाजी के चलते हैं तो आसपास की छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान जाता है, जो सामान्य दिनों में नजरअंदाज हो जाती हैं।
इसके अलावा नियमित पैदल चलने से मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है, जिससे एकाग्रता और स्मरण शक्ति बेहतर होती है। यह सकारात्मक सोच विकसित करने में भी मदद करता है और जीवन को अधिक संतुलित व आनंदमय बनाता है।
अक्सर हम या तो बीते हुए कल में उलझे रहते हैं या आने वाले कल की चिंता में खोए रहते हैं। ऐसे में सैर हमें वर्तमान क्षण से जोड़ती है। जब हम बिना किसी जल्दबाजी के चलते हैं तो आसपास की छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान जाता है, जो सामान्य दिनों में नजरअंदाज हो जाती हैं।
इसके अलावा नियमित पैदल चलने से मस्तिष्क को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है, जिससे एकाग्रता और स्मरण शक्ति बेहतर होती है। यह सकारात्मक सोच विकसित करने में भी मदद करता है और जीवन को अधिक संतुलित व आनंदमय बनाता है।
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हर दिन सैर करने के फायदे
- फोटो : Adobe Stock
विशेषज्ञ की राय : तनाव निवारक है सैर
फिटनेस एक्सपर्ट डॉ. अमित अग्रवाल बताते हैं कि नियमित रूप से 30 मिनट की धीमी गति से सैर करना हृदय को स्वस्थ रखता है, रक्तचाप नियंत्रित करता है और मधुमेह का जोखिम कम करता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाकर शरीर की कार्यक्षमता और ऊर्जा भी बढ़ाता है। प्राकृतिक वातावरण में सैर करने से मस्तिष्क में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे हैप्पी हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे तनाव कम होता है और मन शांत रहता है। इसलिए सैर को एक प्राकृतिक तनाव निवारक माना जाता है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
फिटनेस एक्सपर्ट डॉ. अमित अग्रवाल बताते हैं कि नियमित रूप से 30 मिनट की धीमी गति से सैर करना हृदय को स्वस्थ रखता है, रक्तचाप नियंत्रित करता है और मधुमेह का जोखिम कम करता है। यह हड्डियों को मजबूत बनाकर शरीर की कार्यक्षमता और ऊर्जा भी बढ़ाता है। प्राकृतिक वातावरण में सैर करने से मस्तिष्क में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे हैप्पी हार्मोन बढ़ते हैं, जिससे तनाव कम होता है और मन शांत रहता है। इसलिए सैर को एक प्राकृतिक तनाव निवारक माना जाता है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य दोनों के लिए लाभकारी है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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